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फेसबुक पर हाजिर है... जेल में बंद कुख्यात हप्पू, अब तक कर चुका इतने मर्डर

Sat, 19 Jan 2019 07:21 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू की फेसबुक आईडी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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दस माह से सलाखों के पीछे बंद एक लाख के ईनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू की मौजूदगी सोशल मीडिया पर नजर आने लगी है। हप्पू के नाम से बने फेसबुक एकाउंट पर 15 जनवरी को पुलिस के साथ हप्पू का फोटो अपलोड किया गया है। कुख्यात फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। पुलिस गुपचुप तरीके से फेसबुक एकाउंट की जांच कर रही है। 

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सोशल मीडिया के दौर में अपराधियों के नाम से फेसबुक पर एकाउंट संचालित किए जा रहे हैं। एक लाख रुपये के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू निवासी बावली के नाम भी फेसबुक एकाउंट चल रहा है। 10 मार्च 2018 में क्राइम ब्रांच बागपत ने कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया। उस पर हत्या, लूट, गैंगस्टर के कई मुकदमे दर्ज हैं। इस समय हप्पू फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। फेसबुक एकाउंट पर 15 जनवरी को पुलिस के साथ हप्पू का फोटो अपलोड किया है। इस फोटो पर 140 लोगों ने लाइक और 30 लोगों ने कमेंट किए हैं। इससे पहले 24 सितंबर 2018 को बागपत कचहरी में हप्पू को पेशी पर ले जाते हुए फोटो डाला है। इस फोटो पर 103 लोगों ने लाइक किया। हप्पू की फ्रेंड लिस्ट में तीन हजार से भी ज्यादा लोग हैं। राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोग भी हप्पू की फ्रेंड लिस्ट में है। अब बड़ा सवाल है कि हप्पू खुद जेल में सोशल मीडिया पर एक्टिव है या उसके गैंग के सदस्य जेल से बाहर उसके नाम से फेसबुक चला रहे हैं।

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कौन है अजीत उर्फ हप्पू 
कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू बावली गांव का रहने वाला है। उसने वर्ष 2000 में अपनी चाची सुखवीरी की हत्या कर जरायम की दुनिया में कदम रखा था। वर्ष 2015 में बावली में राजकुमार और उसके भाई जयवीर की हत्या कर वह सुर्खियों में आया। इसके बाद वह एक लाख के इनामी रहे गांगनौली के प्रमोद राठी गैंग में शामिल हो गया। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने, गैंगस्टर, बलवा, कातिलाना हमले आदि केसों के 27 मुकदमे दर्ज हैं। 

कहां गई हप्पू की एके-47 
कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू अपने साथी प्रमोद गांगनौली की हत्या कर उसकी एके-47 ले गया था। पुलिस आज तक हप्पू से एके-47 बरामद नहीं कर पाई।
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बागपत जेल में भी चलते है मोबाइल  
पुलिस की छापेमारी में कई बार जिला कारागार में मोबाइल पकड़े जा चुके हैं। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से सबसे पहले जिला कारागार से ही सोशल मीडिया पर बजरंगी का फोटो वायरल किया गया था। इससे जाहिर है कि जेल में भी मोबाइल चल रहे है। इसके अलावा कई बार मोबाइल बरामद हो चुके हैं।  

सोशल मीडिया पर नजर रखती है पुलिस  
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया पर नजर रखने व उसकी समीक्षा करने के लिए पहले से ही अलग सेल कार्य कर रही है। अजीत उर्फ हप्पू के फेसबुक एकाउंट की जांच कराई जाएगी।

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