सरधना के छुर गांव में भाजपा विधायक जितेंद्र सतवाई ने जब दो पक्षों में झगड़ा होता देख गाड़ी रुकवाई थी, तो उन्हें अहसास तक नहीं था कि उनकी गाड़ी पर ही हमला हो जाएगा। नशे में धुत हमलावरों ने जब ‘विधायक को मारो’ चिल्लाते हुए लाठी-डंडे बरसाकर विधायक की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया तो अफरातफरी मच गई। हमलावर आगे बढ़ते, इससे पहले ही विधायक का गनर गाड़ी से उतरकर एक्शन में आ गया। यह देख हमलावर भाग खड़े हुए। यदि गनर तुरंत हरकत में न आता तो गंभीर घटना हो सकती थी।
देना होगा 500 रुपये हफ्ता
पीड़ित दुकानदार बिरजू ने पुलिस को बताया कि हमलावर उससे 500 रुपये हफ्ता मांग रहे थे। उसे धमकी दे रहे थे कि दुकान चलानी है तो फ्री में सामान देना होगा। शनिवार को भी वह हफ्ता वसूलने और फ्री में सामान देने का दबाव बना रहे थे। इसके विरोध में दुकान में तोड़फोड़ कर दी गई। हम पर हमला बोला गया। जिसमें वह और उसका भाई समेत कई लोग घायल हो गए। यह तो गनीमत रही कि विधायक उस समय गांव से निकल रहे थे। नहीं तो पता नहीं क्या हो जाता। पीड़ित और ग्रामीणों ने इसे सरेआम गुंडई बताते हुए हमला करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
कहीं कोई और कारण तो नहीं
विधायक की गाड़ी पर हमले को लेकर कई सवाल पैदा हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह दुस्साहस ही है कि सब कुछ जानते हुए भी विधायक की गाड़ी पर हमला बोला गया। वहीं, पुलिस भी इसकी जांच कर रही है कि कहीं इस हमले के पीछे कोई और कारण तो नहीं। क्योंकि हमलावरों को पता था कि विधायक गाड़ी में बैठे हैं और उनके साथ गनर भी हैं। लेकिन उसके बावजूद भी हमला बोला गया।
सीओ साहब! सख्त कार्रवाई कराओ
हमलावरों पर केस दर्ज कराने को लेकर घंटों मशक्कत चलती रही। दोपहर को हुए इस हमले में दुकानदार बिरजू की तहरीर पर सरधना पुलिस ने रात में केस दर्ज किया। लेकिन बाद में विधायक ने भी कहा कि मैं अलग से केस दर्ज कराऊंगा। जिस पर विधायक ने तहरीर देकर तीनों आरोपियों पर नामजद जबकि आधा दर्जन अज्ञात हमलावरों पर बलवा, मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया। विधायक काफी गुस्से में थे तो पुलिस अफसरों में भी हड़कंप मचा था। विधायक ने सीओ से कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बाकी आरोपी भी जल्द गिरफ्तार कराओ। मैं खुद इस केस की प्रगति लूंगा।