तीन जून से अपह्त लिसाड़ी गांव के अमित के शव की शिनाख्त होने पर हत्या का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। बिजली बंबा बाईपास पर शव रखकर जाम लगा दिया और वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की। शव तीन जून को परीक्षितगढ़ क्षेत्र में मिला था। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव को लावारिस मानकर मोर्चरी में रखवा दिया था। मंगलवार को परिजनों ने मोर्चरी पहुुंचकर सिर कटे शव की शिनाख्त की थी।
लिसाड़ी गांव निवासी 26 वर्षीय अमित पुत्र ओमपाल को उसके दोस्त सुंदर और बिल्लू घर से बुलाकर ले गए थे। दोस्त तो लौट आए, लेकिन अमित नहीं आया। परिजनों के पूछने पर उन्होंने बताया था कि अमित रास्ते में ही कार से उतरकर कहीं चला गया है। सोमवार को परिजनों ने दोस्तों पर अपहरण का शक जताते हुए थाने में तहरीर दी। रिपोर्ट दर्ज न होने पर शाम को एसएसपी आवास पर जमकर हंगामा किया था। अमित के भाई अरुण, आकाश ने बताया कि मंगलवार सुबह उन्हें पता चला कि परीक्षितगढ़ में मिला एक शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। उन्होंने शव की पहचान अमित के रूप में की। शिनाख्त होने के बाद परीक्षितगढ़ पुलिस पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और परिजनों को बताया कि यह हादसे का केस है।
शव मेरठ-परीक्षितगढ़ मार्ग पर तीन जून की रात को मिला था। हादसे का नाम सुनते ही परिजन भड़क गए। उन्होंने कहा कि अमित की हत्या हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शाम छह बजे परिजन और ग्रामीण बिजली बंबा बाईपास पहुंचे और शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परतापुर, लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस, सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार, सीओ कोतवाली भी मौके पर पहुंच गए। भाजपा नेता चरण सिंह लिसाड़ी और बसपा नेता जगस्वरूप जाटव ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
रात में ही दर्ज हो गई थी रिपोर्ट
अमित के दोस्तों के खिलाफ पुलिस अपहरण का केस दर्ज करने से कतरा रही थी। लेकिन सोमवार रात जैसे ही लोगों ने एसएसपी आवास पर हंगामा किया तो पुलिस हरकत में आ गई और अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।
इन मांगों का दिया आश्वासन
लोगों ने मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा, मृतक के बेटे की परवरिश के लिए मदद की मांग की। एसपी सिटी ने कहा कि आर्थिक मदद के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।
कपड़े, सीने के निशान से हुई पहचान
कपड़े, जूते और सीने पर लिखे मर्द शब्द को देखकर अमित के भाइयों ने शव की पहचान की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहचान छिपाने के लिए सिर काटा गया है।