नईम की हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने हापुड़ अड्डा के आसपास की कुछ दुकानों को जबरन बंद करा दिया था। सैकड़ों की भीड़ सड़क पर उतर आयी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। भीड़ ने हापुड़ अड्डे से कुछ दूरी पर एक टेंपो में तोड़फोड़ करने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
भीड़ का आलम यह था कि सपा और बसपा नेताओं को न केवल आक्रोश का सामना करना पड़ा। बल्कि उल्टे पैर भागना पड़ा। जो भी नेता पहुुंचता, उसे ही भीड़ दौड़ा लेती। भगत सिंह मार्केट में तो नेताओं को घुसने ही नहीं दिया गया। शाम को कुछ नेता पहुंचे, लेकिन वह भी पुलिस अफसरों के पास खड़े होकर निकल गए। आक्रोशित भीड़ ने सपा नेता अय्यूब अंसारी के खिलाफ नारेबाजी कर दी। भीड़ का कहना है कि एक सप्ताह से तो कोई भी नेता नहीं आया, लेकिन अब फोटो खिंचवाने चले आये। भीड़ ने सपा नेता जानू चौधरी, सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल अलीम अलवी, बसपा नेता याकूब कुरैशी के बेटे का भी विरोध किया। बाद में संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता और व्यापारी नेता जीतू नागपाल पहुंचे और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारी नेताओं का कहना है कि व्यापारियों पर अत्याचार हो रहे हैं और अफसर सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन देते हैं। पुलिस की लापरवाही से घटना हुई है।
मीडिया कर्मियों से हाथापाई, कैमरे तोड़े
नईम गाजी की हत्या को लेकर भीड़ ने हापुड़ रोड और आसपास के क्षेत्र में वाहनों में तोड़फोड़ की। जिसके चलते चारों तरफ पुलिस ने दुकानें बंद कराकर सभी वाहनों को हटवा दिया था। गुस्साए लोगों ने मीडिया कर्मियों से भी हाथापाई कर दी। कैमरे तोड़ दिए। एक फ ोटोग्राफर को जबरन भीड़ ने हाथापाई कर गिरा दिया। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य मीडिया कर्मियों के मोबाइल फोन भी छीनने की कोशिश की गई। सुबह से शाम तक मीडिया कर्मियों का विरोध और अभद्रता की गई।
भाजपा नेता कमलदत्त को गिरफ्तार कराने की मांग
नईम की हत्या पर गुस्साए लोग हापुड़ रोड स्थित भगत सिंह मार्केट के सामने भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान शहरकाजी लोगों की भीड़ में पहुंचे। शहर काजी ने लोगों से अपील की है कि शांति व्यवस्था बनाए रखे। शहर काजी ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से तीन मांगें रखी। पहली मांग नईम गाजी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और उन पर कड़ी कार्रवाई एवं दूसरी मांग भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की रखी। इसके अलावा तीसरी मांग में उन्होंने इंस्पेक्टर कोतवाली और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई को कहा। इसी दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पांच लाख रुपये का मुआवजा पीड़ित परिवार को देने की बात कही है। इस पर एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने आश्वासन दिया कि तीनों मांगों को पुलिस जल्द पूरा करेंगी। हालांकि भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा का कहना है कि पुलिस ने हैप्पी को एक सप्ताह से बिना लिखी पढ़ी के थाने में बैठाया हुआ था। इसका भाजपा ने विरोध किया था। पुलिस मामले की जांच करे और सही आरोपियों को जेल भेजा जाए।