सोतीगंज में वाहन माफियाओं की पुलिस से गहरा गठजोड़ है। सदर बाजार थाने से ट्रांसफर होने के बाद भी कई पुलिसकर्मियों का सोतीगंज में धंधा चलता है। जिसका खामियाजा सदर पुलिस को भुगतना पड़ता है। शनिवार को जिन दोनों पुलिसकर्मियों ने पुलिस चौकी में चेसिस नंबर बदलवाने का खेल किया, वह करीब दो साल पहले सदर थाने से ट्रांसफर होकर जा चुके हैं।
सोतीगंज के कबाड़ियों का कहना है कि दोनों सिपाहियों की वाहन माफियाओं से दोस्ती थी। दोनों ने यहां से मोटा पैसा कमाया है। सोतीगंज में वाहन काटने वाले हर कबाड़ी को यह सिपाही जानते हैं। यही वजह थी कि दोनों सिपाहियों ने पुलिस चौकी में कबाड़ियाें को बुलाकर बुलेट का चेसिस नंबर बदलवाने का खेल किया है। वह जानते थे कि इस समय चौकी इंचार्ज भी वहां पर नहीं होंगे। चुनावी माहौल चल रहा है, पुलिस की ड्यूटी अलग अलग जगह पर लगी है।
क्राइम ब्रांच भी हो चुकी बदनाम
सोतीगंज में क्राइम ब्रांच वसूली करती है, यह आरोप पहले लग चुका है। इतना हीं नहीं, कई वीडियो वायरल हुई, जिसमें पुलिसकर्मी वाहन माफियाओं से पैसा ले रहे है। इसके बावजूद भी अफसरों ने मजबूती से शिकंजा नहीं कसा। सोतीगंज में वाहन कटने की सूचना थाने से पहले क्राइम ब्रांच में जाती है, इसको लेकर भी सवाल उठ चुके हैं।
एसएसपी ने कराई कार्रवाई
सोतीगंज पुलिस चौकी में पुलिसकर्मी बैठकर चोरी की बुलेट का चेसिस नंबर बदलवा रहे है, इसकी सूचना एसएसपी को मिलनी बताई थी। एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को छापा मारने का निर्देश दिया। तब जाकर पुलिस ने इसका भंडाफोड़ किया है।
असली गुनहगार कौन
पुलिस चौकी में सिपाही बुलेट का चेसिस नंबर बदलते मिले। मुकदमा भी दर्ज हो गया। लेकिन सवाल है कि आखिर असली गुनहगार कौन है। पुराने सिपाहियों का गठजोड़ सोतीगंज मेें कौन कायम रखता है। पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगता है, बावजूद पुलिस अधिकारी खामोश हैं।
यह गैरकानूनी काम है
दोनों सिपाही पहले सदर थाने में तैनात रहे हैं। जिनकी ड्यूटी सोतीगंज में रहती थी। थाना पुलिस चुनाव ड्यूटी में लगी थी। पुलिसकर्मियों ने गैरकानूनी काम किया है। सिपाहियों व कबाड़ियों पर केस दर्ज कर लिया है। -विजय गुप्ता, एसओ सदर बाजार
एसएसपी को भेजी रिपोर्ट
सिपाही प्रदीप कुमार की रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी है। दूसरे सिपाही की अभी जांच चल रही है। होमगार्ड को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया है।
-अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी