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शताब्दी नगर में असलहों की फैक्ट्री का भंडाफोड़

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मेरठ। परतापुर के शताब्दी नगर में एमडीए के खंडहर पड़े घर में पिस्टल-तमंचे बनाने की फैक्ट्री चलती थी। 30-35 हजार में पिस्टल व 3-4 हजार रुपये में तमंचे बेचते थे। आरोपियों का नेटवर्क पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है।
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एसएसपी राजेश पांडेय ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का खुलासा करते हुए दो आरोपियों समीर निवासी गोलाकुआं लिसाड़ी गेट व शहरोज निवासी तोपचीवाड़ा कोतवाली को पेश किया। तीन पिस्टल, 6 तमंचे, 15 कारतूस, हथियार बनाने के पुर्जे व औजार शताब्दीनगर में एक मकान से बरामद होने बताए। एसएसपी ने बताया कि शुक्रवार को शताब्दी नगर में चेकिंग के दौरान दोनों आरोपियों को परतापुर इंस्पेक्टर गिरजाशंकर त्रिपाठी ने पकड़ा था। उनकी निशानदेही पर शताब्दीनगर सेक्टर-6 में एमडीए के खंडहर पड़े घर में छापा मारा। जहां पर तमंचे व पिस्टल बनाने का सामान बरामद हुआ। प्रेस वार्ता में एसपी सिटी रणविजय सिंह, एएसपी कैंट सतपाल सिंह और सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया भी मौजूद रहे।
जली कोठी में तैयार होते पुर्जे
एसएसपी ने बताया कि यह आरोपी जली कोठी में खराद की मशीनों पर पिस्टल व तमंचे के पुर्जे तैयार कराते थे। कई पुर्जे मुंगेर और किठौर के राधना गांव से खरीदते थे। उसके बाद शताब्दीनगर में पिस्टल व तमंचे तैयार होते थे। फैक्ट्री में सात लोग काम करते थे। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने शताब्दीनगर सेफ अड्डा बनाया था।
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नेटवर्क तक पहुंचेगी पुलिस
वेस्ट यूपी में हथियारों की खेप व फैक्ट्री में तमंचे-पिस्टल बनाने के मामले लगातार सामने आ रहे है। लावड़, सरधना, नौचंदी और परतापुर में हथियार पकड़े गए। पुलिस को इनपुट मिल रहे हैं कि 2019 के चुनाव से पहले हथियार सप्लाई करने काम चल रहा है। हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से उत्तर प्रदेश में हथियार आ रहे है। पुलिस का कहना कि आरोपियों का बड़ा नेटवर्क फैला है। हथियार सप्लाई और हथियार बनाने वाली फैक्ट्री चलाने वाले आरोपी का गैंग अलग-अलग है। इनके नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश में पुलिस लगी है।
नहीं पकड़ा कोई खरीददार
एक सप्ताह में हथियारों की चार खेप पकड़ी गईं। लेकिन एक भी खुलासे में खरीददार नहीं पकड़ा गया। इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी कि आखिर कहां से हथियार की खेप खपाई जा रही थी।
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खास बातें:
- एमडीए के खंडहर पड़े मकान में बनाए जा रहे थे हथियार
- दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एसएसपी ने किया खुलासा
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