मेरठ। आवास एवं विकास परिषद के कनिष्ठ लेखाधिकारी रामपाल भास्कर को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
ब्रह्मपुरी निवासी नौशाद ने रामपाल पर दुकान ट्रांसफर कराने के मामले में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर एंटी करप्शन विभाग से शिकायत की थी। जिस पर एंटी करप्शन की टीम ने बृहस्पतिवार को रामपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार रामपाल भास्कर करीब 14 वर्षों से आवास एवं विकास परिषद के मेरठ कार्यालय में जमा था। इस दौरान रामपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंच रही थी। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने शुक्रवार को रामपाल भास्कर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। आरोप लगाया कि रामपाल ने कई बडे़ भूखंडों को मोटी रकम लेकर गलत तरीके से फ्री होल्ड किया। देहरादून में करोड़ों की प्रापर्टी बना रखी है। इस संबंध में पहले भी उच्चाधिकारियों से जांच की मांग की चुकी है।
उधर, एसओ नौचंदी संजय कुमार ने बताया कि रामपाल भास्कर को एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस केस में एंटी करप्शन विभाग द्वारा ही विवेचना की जाएगी।
- एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार