मेरठ। राजकमल एन्क्लेव स्थित बिल्डर संजीव मित्तल की कोठी और ऑफिस में बंद 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी की पुलिस शनिवार दिन भर पहरेदारी करती रही। आयकर विभाग के अधिकारी बिल्डर के ऑफिस से दस्तावेज व सुबूत जुटाकर चले गए। पुलिस के मुताबिक कानपुर से आरबीआई टीम आएगी, उसके बाद ही निर्णय होगा कि इस मामले में बिल्डर पर क्या कार्रवाई होगी।
बिल्डर संजीव मित्तल के ऑफिस में शुक्रवार दोपहर छापामारी के बाद कंकरखेड़ा पुलिस ने 25 करोड़ पांच लाख पचास हजार के एक हजार और 500 के पुराने नोट बरामद किए थे। मौके से दिल्ली के एजेंट नरेश अग्रवाल और बिल्डर के तीन कर्मचारी योगेंद्र, विनोद और अरुण हिरासत में लिए थे। एसएसपी का कहना है कि इस मामले में पुलिस अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। आयकर विभाग और आरबीआई के अधिकारियों को सूचना दे दी। आयकर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर एमके जैन, डिप्टी डायरेक्टर योगेंद्र नैयर समेत कई अधिकारियों ने जांच की। लेकिन अभी पुलिस को कार्रवाई के कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।
शनिवार दिन भर परतापुर पुलिस बिल्डर की कोठी और 25 करोड़ की निगरानी में कॉलोनी में लगी रही। पुलिस यही कहती रही कि कानपुर से आरबीआई की टीम आ रही है, उसकी जांच पड़ताल के बाद ही निर्णय होगा कि बिल्डर पर क्या कार्रवाई होगी। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरबीआई की टीम नहीं पहुंची थी।
हम तो निगरानी में थे
बिल्डर के ऑफिस से हिरासत में लिए चारों लोग शनिवार को परतापुर थाने में पुलिस कस्टडी में रहे। उनसे मिलने वालों का थाने में तांता लगा रहा। चारों लोगों का यही कहना था कि यह सारा पैसा बिल्डर संजीव मित्तल का है। वह तो सिर्फ उसकी निगरानी में लगे थे।
हमारे पास विकल्प नहीं
इंस्पेक्टर परतापुर रघुराज सिंह का कहना है कि यह बरामदगी कंकरखेड़ा पुलिस ने की थी। अधिकारियों के निर्देश हैं कि जब तक आयकर विभाग और आरबीआई कोई निर्णय नहीं लेती, तब तक बिल्डर की कोठी और ऑफिस में रखे 25 करोड़ की निगरानी पुलिस करेगी। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरबीआई की टीम सोमवार को आ सकती है। पुलिस के पास इंतजार के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।
कोई विकल्प नहीं
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार आरबीआई के अधिकारियों से बात हुई है। मामला 25 करोड़ की पुरानी करेंसी का है। पुलिस को इसमें कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। आयकर विभाग और आरबीआई इस मामले में निर्णय लेगी। पुलिस पहरे पर लगी है। चारों लोग पूछताछ और जांच में सहयोग करने के लिए थाने में बैठा रखे हैं।
खास बातें:
- पुलिस को नहीं कार्रवाई का अधिकार, नहीं दर्ज हुई एफआईआर
- आयकर की टीम जांच कर चली गई, आरबीआई देगी दिशा निर्देश