मेरठ। परतापुर थाने से सटे एक मकान में रिटायर्ड फौजी की रंजिश के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या में दंपति सहित तीन आरोपियों को नामजद किया गया है। पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गांव नेक थाना जानी निवासी सुशील कुमार (42 ) वर्तमान में परतापुर थाने से सटी कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। परिजनों ने बताया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे उनका पड़ोसी लक्की सुशील को घर से बुलाकर ले गया था। रात 11 बजे तक भी न लौटने पर बेटी खुशबू ने फोन किया तो सुशील ने कुछ देर बाद आने की बात कही। लक्की ने भी फोन पर खुशबू को भरोसा दिया कि वह कुछ देर बाद सुशील को घर छोड़ जाएगा। जिस पर परिजन निश्चिंत हो गए । देर रात परतापुर थाना पुलिस सुशील के घर पहुंची और बताया कि सुशील की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उसका शव लक्की के घर में पड़ा है। ये सुनकर परिजन दौड़कर लक्की के घर पहुंचे। वहां सुशील का खून से लथपथ शव पड़ा देख परिजनाें में कोहराम मच गया।
घर बुलाकर शराब पिलाई और मार दी गोली
इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के अनुसार मृतक सुशील की बेटी खुशबू ने बताया कि एक महीने पहले उसके पिता का लक्की के साथ झगड़ा हुआ था। तभी से लक्की उससे रंजिश रखता था। आरोप लगाया कि षड्यंत्र के तहत उसके पिता को धोखे से घर से बुलाकर ले गया। वहीं, उसे खाना खिलाया, शराब पिलाई और गोली मारकर उसके पिता की हत्या कर दी। यही वजह बताकर सुशील की बेटी खुशबू ने लक्की, उसके भाई विक्की और भाभी गीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विक्की और गीता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि लक्की की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि सुशील को एक गोली पीठ में लगी जबकि दूसरी छूकर निकल गई थी।
दारोगा के खिलाफ भी बैठी जांच
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी लक्की का घर परतापुर थाने से सटा है। आपराधिक छवि के लक्की पर दबंगई और गुंडागर्दी में कई केस दर्ज है। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर छूटा था। मकान की निचले हिस्से पर परतापुर थाने का दारोगा राजवीर सिंह किराए पर रहता है। दारोगा राजवीर सिंह देर रात जब अपने मकान में पहुंचा तो उसके कमरे के पास ही जीने में सुशील का शव पड़ा था। दारोगा ने ही थाने पर इसकी सूचना दी। एक आपराधिक किस्म के व्यक्ति के घर दरोगा के किराए पर रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस पर एसएसपी मंजिल सैनी ने दारोगा के खिलाफ जांच बैठा दी है।
राष्ट्रपति की सिक्योरिटी में रहे सुशील
परिजनों के अनुसार सुशील 41 वीं जाट बटालियन में थे। वह पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा और केआर नारायणन की सुरक्षा में रहे। शंकर दयाल शर्मा ने उन्हें सम्मानित भी किया था। करीब 21 साल की नौकरी के बाद उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था। वर्तमान में वह दिल्ली रोड पर एक शोरूम में सिक्योरिटी गार्ड थे।
खास बात
घर से बुलाकर मारी गोली, दरोगा के कमरे के पास डाला शव
हत्या में दंपति सहित तीन पर रिपोर्ट दर्ज, दंपति गिरफ्तार