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अधिकारियों से शिकायत की तो अंदर कर दूंगा

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एसएसपी से शिकायत करने पर पीड़ित डॉक्टर को हवालात में डाला
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जनता को सुरक्षा देने के बजाय पुलिस उसे ही परेशान करने में लगी है। ऐसा ही एक मामला मोदीनगर थाने में आया। स्कूल प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ शिकायत करने थाने पहुंचे दंपति को थाना प्रभारी से तहरीर की रिसीविंग मांगना महंगा पड़ गया।

रिसीविंग न देने पर जब पत्नी ने एसएसपी से फोन पर शिकायत की तो थाना प्रभारी ने शांतिभंग की धारा लगाकर उसके डॉक्टर पति को हवालात में डाल दिया। अब पत्नी ने एसएसपी से फिर से गुहार लगाई है।
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डॉ. टीके आर्य आदर्श नगर में परिवार के साथ रहते हैं। वह शुक्रवार को पत्नी राखी के साथ अपने दोनों बच्चों की टीसी लेने पब्लिक स्कूल गए थे। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन पिछले एक सप्ताह से उन्हें स्कूल का चक्कर लगवा रहा था।

शुक्रवार को टीसी को लेकर स्कूल संचालिका के सामने डॉ. टीके आर्य से गार्ड ने हाथापाई की। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस डॉक्टर और उसकी पत्नी को थाने ले गई। यहां राखी ने स्कूल प्रबंधन पर टीसी देने के लिए एक साल की फीस जमा कराने का आरोप लगाया।

राखी ने तहरीर देकर थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दूबे से रिसीविंग मांगी। थाना प्रभारी ने रिसीविंग देने से मना कर दिया। पीड़िता ने एसएसपी को फोन कर घटना की जानकारी दी।

इससे गुस्साए थाना प्रभारी ने पति डॉ. टीके आर्य का शांतिभंग में चालान कर हवालात में डाल दिया। अब पीड़िता ने एसएसपी से गुहार लगाई है। उधर, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताकर दंपति पर स्कूल के गार्ड को पीटने का आरोप लगाया है। कोतवाल ध्रुव भूषण दूबे ने बताया कि स्कूल प्रबंधन के तहरीर पर डॉ. टीके आर्य का शांतिभंग में चलान किया गया है।

जब कोतवाल ने तहरीर की देने से मना किया और डॉक्टर टीके आर्य को थाने से बाहर जाने को कहा। तब डॉक्टर ने पुलिस के आला अधिकारियों को फोन मिलाया और एसओ के व्यवहार के बारे में शिकायत की।
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इस पर एसओ और भी भड़क गए और टीके आर्य को ही थाने में ही बिठा लिया और उनकी पत्नी से कहा जिससे चाहे शिकायत करनी हो करो, लेकिन तुम्हारी तहरीर को रिसीव नही करूंगा।
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