फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओपी शास्त्री को सांसद सत्यपाल सिंह की शिकायत पर वर्ष 2017 में हिंदी सलाहकार पद से हटा दिया गया था,

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस का कहना, सांसद की शिकायत पर हटा दिया था पद से
विज्ञापन

अधिवक्ता संजीव त्यागी की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
सरधना/मेरठ। कभी लग्जरी गाड़ी तो कभी स्कॉर्पियो में घूमकर स्वयं को हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य का रौब गालिब कर घूमने वाले ओपी शास्त्री के खिलाफ बृहस्पतिवार को संगीन धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने जांच में ओपी शास्त्री का मानव संसाधन विकास मंत्रालय हिंदी सलाहकार समिति का विजिटिंग कार्ड फर्जी पाया। जिसमें फर्जी दस्तावेज व लैटर हेड तैयार किया गया।
मुकदमा दर्ज कराने वाले अधिवक्ता संजीव त्यागी ने बताया कि मूल रूप से भामौरी निवासी ओपी शास्त्री पुत्र भागमल शर्मा हाल निवासी चमरावल रोड बागपत ने 30 जनवरी की शाम उनके चेंबर चैंबर पर आकर पद का रौब गालिब किया तथा उनसे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो खरीदी गई जमीन पर सभासदों को उकसाकर बैठा दूंगा। वहीं, झूठा मुकदमा दर्ज कराने की भी धमकी दी। एसओ सरधना धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि संजीव त्यागी की तहरीर पर ओपी शास्त्री के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसओ के अनुसार बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद जांच में सामने आया कि ओपी शास्त्री को वर्ष 2017 में सांसद सत्यपाल सिंह की शिकायत पर हटा दिया गया था। वर्तमान में ओपी शास्त्री इस पद पर नहीं है। फर्जी विजिटिंग कार्ड से लोगों पर रोब गालिब करने का मामला भी जांच में सामने आया। उधर ओपी शास्त्री से उनका पक्ष जानने के लिए उनके विजिटिंग कार्ड पर छपे दोनो मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनके दोनो मोबाइल स्विच ऑफ मिले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें