मेरठ। पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक के मीट प्लांट में बृहस्पतिवार को तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों लोग मीट प्लांट के सीवर में सफाई कर रहे थे। तभी जहरीली गैस ने उनको चपेट में ले लिया। उसके चलते वह प्लांट में बेहोश हो गए व उनकी मौत हो गई। इसकी जानकारी लगते ही तीनों परिवार के लोगों में गुस्सा फूट गया। लोगों ने शवों को रखकर हापुड़ रोड पर जाम लगा दिया। हापुड़ रोड स्थित नौगजा पीर के पास राशिद अखलाक का अल यासिर द्वितीय मीट प्लांट है। मीट प्लांट में कई माह से सीवर खराब पड़ा था। मीट प्लांट मैनेजर सलाउद्दीन ने बिजौली गांव निवासी सत्यवान उर्फ अजय (26) पुत्र मुकेश को दस हजार रुपये में सीवर की सफाई का ठेका दिया था। मंगलवार को अजय से सीवर की सफाई कराई थी। बुधवार को सफाई नहीं हुई, जिस पर मैनेजर ने अजय को फोन किया। बृहस्पतिवार शाम अजय गांव के तीन युवक जोगेंद्र (25) पुत्र भीम सिंह, गुड्डू (24) पुत्र सुभाष व सतवीर को लेकर मीट प्लांट में पहुंचा।
सीवर की सफाई करने जोगेंद्र करीब 10 फीट नीचे उतरा। जहरीली गैस होने के चलते जोगेंद्र बेहोश हो गया। जोगेंद्र को निकालने के लिए गुड्डू और अजय उतरे तो वह दोनों भी बेहोश हो गए। सतवीर ने शोर मचाया तो मीट प्लाट का गार्ड साजिद पहुंचा। चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ लग गई। मीट प्लांट में काम करने वाले भी दौड़े। जैसे-तैसे कर सीवर से तीनों युवकों को निकाला। इस दौरान प्लांट के दो कर्मचारी रिजवान और जलीस भी बेहोश हो गए थे। तीनों युवकों को हापुड़ रोड स्थित जगदंबा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। जानकारी लगते ही बिजौली के ग्रामीण भी पहुंच गए।
मीट प्लांट के स्टाफ पर नाराजगी
पुलिस ने बताया कि मीट प्लांट में सीवर में जहरीली गैस से अजय, जोगेंद्र और गुड्डू बेहोश हो गए थे। जानकारी पर तीनों युवक के परिजन मीट प्लांट पर पहुंचे। आरोप है कि मीट प्लांट के स्टाफ ने परिजनों को यह कह दिया कि उनका एक्सीडेंट हो गया था। वह कहां भर्ती कराए, इसकी जानकारी नहीं है। करीब 15 मिनट बाद परिजन अस्पताल पहुंचे। मौत का पता लगते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने नारेबाजी भी की। देर रात तक हंगामा चलता रहा।
खास बातें:
- प्लांट के सीवर की सफाई कर रहे थे चार मजदूर
- परिजनों में आक्रोश, हापुड़ रोड पर लगाया जाम
- हापुड़ रोड पर राशिद अखलाक का है मीट प्लांट