रासुका के खिलाफ योगेश वर्मा का प्रत्यावेदन
मेरठ। बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा की तरफ से रासुका की कार्रवाई के खिलाफ जिलाधिकारी के यहां प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया गया है। हालांकि शासन से मंजूरी के बाद अब इस प्रत्यावेदन के जिला स्तर से खारिज होने की संभावना जतायी जा रही है।
योगेश वर्मा 2 अप्रैल को हुए दलित आंदोलन में हिंसा व आगजनी के आरोप में जेल में बंद हैं। इस मामले में पुलिस ने योगेश वर्मा सहित कुल 165 लोगों को जेल भेजा था। इसके बाद जिला प्रशासन ने योगेश वर्मा के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पत्रावली शासन को भेज दी थी। जिसे पिछले सप्ताह शासन ने मंजूरी दे दी है।
वहीं, अब इस रासुका की कार्रवाई के खिलाफ योगेश वर्मा की तरफ से प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया गया है। इस प्रत्यावेदन पर प्रशासन को नियमानुसार 36 घंटे के भीतर निर्णय लेना है। लेकिन प्रत्यावेदन रविवार शाम को दाखिल किया गया, जिससे जहां इसकी सुनवाई का अब बहुत कम समय बचा है। वहीं, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जब जिलाधिकारी द्वारा भेजी गयी पत्रावली पर रासुका को शासन से मंजूरी दे दी गयी है, तो ऐसे में इस प्रत्यावेदन के डीएम स्तर से खारिज होने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में योगेश वर्मा को शासन स्तर से ही राहत मिल सकती है।
खास बातें:
डीएम आवास पर रविवार शाम को प्राप्त कराया गया प्रत्यावेदन
शासन से मंजूरी होने के बाद अब प्रत्यावेदन के खारिज होने की संभावना ज्यादा