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मासूम का सुराग नहीं

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खेड़ा से अपहृत तीन साल के मासूम का सुराग नहीं
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सरधना/मेरठ। खेड़ा गांव से अपहृत तीन साल के बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस की चार टीमों ने रविवार दिन भर बच्चे की गांव और जंगल में तलाश की। खोजी कुत्ता भी बच्चे के घर से पचास मीटर की दूरी पर ही चक्कर काटता रहा। पुलिस आधा दर्जन युवकों से पूछताछ कर रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
खेड़ा गांव निवासी फौजी अंकित कुमार के बेटे आभास उर्फ गोलू (3 वर्ष) का शुक्रवार शाम घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया था। शनिवार रात एसएसपी सरधना थाने पहुंचीं और खोजबीन के प्रयासों के बारे में पुलिस अफसरों से जानकारी ली। भाजपा विधायक संगीत सोम भी पुलिस अफसरों से बच्चे की बरामदगी को लेकर लगातार बात कर रहे हैं।
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बच्चे की तलाश में एसपी देहात राजेश कुमार के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और सर्विलांस समेत चार टीमें लगी हैं। लेकिन 48 घंटे बीतने पर भी बच्चे की बरामदगी में पुलिस टीमें खाली हाथ हैं। रार्धना गांव के एक युवक से एक माह पहले अंकित के परिवार के लोगों का विवाद हुआ था। पुलिस ने रार्धना के तीन युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। अपहरण में फिरौती मांगे जाने की बात से भी पुलिस अफसर इंकार कर रहे हैं। पुलिस ने गांव की कई महिलाओं से भी पूछताछ की। लेकिन सफलता नहीं मिली। परिजनों का हाल बेहाल
दो दिन से आभास का कोई सुराग न लगने से मां नीलम, बहन अवनी, पिता अंकित, दादी कमलेश और अन्य परिजन का बुरा हाल है। घर पर गांव की महिलाओं और आसपास के लोगों का आना-जाना लगा हुआ है।
गली में घूमता रहा खोजी कुत्ता
खोजी कुत्ता बच्चे के घर से लेकर गली में 50 मीटर तक गया और फिर वापस बच्चे के घर के गेट पर पहुंचा। इतनी दूरी में उसने आधा घंटे में करीब दस से 15 चक्कर लगाए। पुलिस अफसरों का मानना है कि बच्चे को घर के बाहर से या गली के मोड़ से उठाया है। बच्चा तीन साल का है, ऐसे में उसे गोदी में उठाकर ले जा सकता है। गली के मोड़ से वाहन भी आते-जाते हैं। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे तक बच्चा घर में ही था। उसके बाद बच्चे का अपहरण किया गया। पुलिस का मानना है कि जिस समय बच्चे का अपहरण किया गया, उस समय अंधेरा हो जाता है। ऐसे में पूरी प्लानिंग के तहत किसी ने बच्चे को उठाया है।
परिवार के लोगों का यह कहना
परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर के बाहर आभास को किसी ने खेलते देखा नहीं था। बच्चे के ताऊ शिवकुमार ने बताया कि वह पूजा स्थल पर बैठा हुआ था और उसके पास आभास जूते पहनकर जा पहुंचा था। उसने परिजनों को आवाज देकर उसे पूजा स्थल से दूर ले जाने को कहा था। उसके बाद बच्चा कहां गया, इसका कोई पता नहीं चल रहा। पुलिस ने क्षेत्र के कई तांत्रिकों पर भी फोकस बढ़ा दिया है। पुलिस का कहना है कि बच्चे को उठाने में किसी महिला का भी हाथ हो सकता है।
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जल्द कर लेंगे बरामद
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार बच्चे की बरामदगी के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हैं। परिजनों के अलावा आसपास के लोगों से भी जानकारी की गई। पुलिस कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। बच्चे को जल्द बरामद कर लिया जाएगा।
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