मेरठ। मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय प्रयोगशाला में एक्सपायर रिजेंटों (ऐसा केमिकल जिसे इस्तेमाल करने की तारीख निकल चुकी है) से खून से संबंधित जांच करने का मामला प्रकाश में आया है। सीसीएसयू के छात्रों ने विरोध करते हुए व्हाट्स एप पर एक्सपायर रिजेंटों के फोटो वायरल कर दिए।
मेडिकल कॉलेज की इस केंद्रीय लैब में किडनी, जिगर और खून से संबंधित ब्लड यूरिया, क्रिएटिनिन, हीमोग्लोबिन आदि की जांचें होती हैं। सीसीएसयू के छात्र नेता राहुल फफूंडा के नेतृत्व में छात्र पवन, चिंटू, आशीष, लालू, अर्पित और गौरव आदि मंगलवार दोपहर मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय प्रयोगशाला पहुंचे। उन्होंने वहां हो रही जांचों को एक्सपायर रिजेंटों के प्रयोग से होना बताया। आरोप लगाया कि जब कर्मचारी इसकी शिकायत करते हैं तो रिजेंटों का सप्लायर उन्हें ड्यूटी से हटवा देता है। राहुल का आरोप है कि बीटेक के दो छात्रों ने यहां से जांच कराई थी, उनकी रिपोर्ट हर बार एक ही जैसी आती थी, इसलिए उन्हें संदेह हुआ था। लैब में इस्तेमाल हो रहे रिजेंटों के बारे में जानकारी की गई तो पता चला, वहां एक्सपायर रिजेंट इस्तेमाल हो रहेहैं। इनके फोटो भी उनके पास हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. विभु साहनी के अनुसार कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्हें व्हाट्स एप से ही इसकी जानकारी हुई है। इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, केंद्रीय लैब का कार्यभार देख रहे अनुज कुमार का कहना है कि जो रिजेंट व्हाट्स एप पर भेजे गए फोटो में दिख रहे हैं, वे उनकी लैब के हैं ही नहीं, सिर्फ एक रिजेंट उनके यहां का हो सकता है। वह भी जांच के लिए नहीं, बल्कि मशीन की सफाई में इस्तेमाल होता है। लैब में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उसकी फुटेज देखी जा सकती है।
खास बात
- मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय प्रयोगशाला का मामला, जांच बैठी
- सीसीएसयू के छात्रों ने व्हाट्स एप पर फोटो किए वायरल