पुलिस पर फायरिंग करने वाले युवकों को राजनीतिक दबाव में छोड़ा
- मवाना का मामला, बिना किसी कार्रवाई के तीनों को छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। पुलिस कैसे अपराधों पर अंकुश लगा सकेगी। जब पुलिस पर फायर करने वाले युवकों को ही पुलिस को बिना किसी कार्रवाई के छोडना पडा। चर्चा है कि राजनीतिक दबाव के बाद पुलिस को यह कदम उठाना पड़ा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हमला करने वाले युवक नहीं, बल्कि पढ़ने वाले युवक हैं। जिनको चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि शनिवार को तहसील रोड पर संदिग्ध अवस्था में खडे़ सात युवकों को पुलिस ने वहां खड़े होने का कारण पूछा तो युवक फायरिंग करते हुए भागने लगे। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए तीन युवकों को पकड़ने का दावा किया था। जबकि घंटों की कांबिग के बाद भी पुलिस फरार हुए चार युवकों का सुराग नहीं लगा सकी थी। इस मामले में चर्चा है कि पुलिस ने शनिवार की देर रात पकडे़ गए तीनों युवकों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस युवकों पर कार्रवाई नहीं कर सकी। और पकड़े गए तीनों युवकों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया । वहीं, इस संबंध में एसएसआई पंकज शर्मा का कहना है कि थाना प्रभारी द्वारा तीनों युवकों को छोड़ा गया है। वैसे भी पकड़े गए युवक हमले में शामिल नहीं थे, ये छात्र हैं इन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया है।