मेरठ। शूटर हसीन मोटा मुठभेड़ कांड की जांच करने आई एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) की टीम ने बृहस्पतिवार को भी जांच की। जिसमें तीन विवेचक, क्राइम ब्रांच, परतापुर पुलिस के बयान दर्ज किए। वहीं मीडिया वालों से भी जानकारी ली।
परतापुर थानाक्षेत्र के शताब्दीनगर में 30 दिसंबर 2017 को कुख्यात मुकीम काला का शूटर 50 हजारी हसीन मोटा एनकाउंटर में मारा गया था। एनकाउंटर पर सवाल उठाकर एनएचआरसी में शिकायत की गई थी। जिसकी जांच करने बुधवार को एनएचआरसी एसएसपी सुमेधा द्विवेदी समेत चार सदस्य टीम मेरठ पहुंची। बृहस्पतिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विवि के गेस्ट हाउस में क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर राजेश वर्मा और इंस्पेक्टर अजय अग्रवाल सहित 12 लोगों के बयान दर्ज किए।
एनएचआरसी टीम ने मीडिया कर्मियों से भी एनकाउंटर की जानकारी ली। बताया गया कि एनकाउंटर की जांच पहले परतापुर तत्कालीन इंस्पेक्टर रघुराज सिंह ने की और फिर यह विवेचना क्राइम ब्रांच में कराई गई। टीम ने विवेचकों से भी केस डायरी की जानकारी ली। एएसपी कैंट/क्राइम ब्रांच सीओ सतपाल सिंह ने एनएचआरसी की टीम को हसीन मोटा के एनकाउंटर से जुड़ी सारी जानकारी दीं। हसीन की क्राइम हिस्ट्री, वीडियोग्राफी की सीडी बुधवार को ही टीम को दी थी।