बागपत। पुलिस चौकी के पास हत्या की वारदात, न तो पुलिस का कोई खौफ था और न लोगों का, पहले गला दबाया, फिर छाती पर खड़ा हुआ और उसके बाद पत्थर उठाकर सिर में दे मारा। हालांकि सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड वारदात को देखने के बाद पुलिस भी मान रही है कि हत्यारोपी कोई साइको किलर हो सकता है।
पुलिस चौकी के पास हाजी उस्मान के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में सच्चाई कैद है। बुधवार रात एक बजे के करीब सफेद पेंट-शर्ट पहने एक युवक पुलिस चौकी के सामने आकर खड़ा होता है। थोड़ी देर इधर-उधर घूमता है। इस दौरान उसे कुत्ते भौंकने लगे। वह कुत्तों को पत्थर मारकर भगा देता है और खुद भी वहां से चला था। डेढ़ बजे के करीब राम रहीम वहां पहुंचा तो इसके थोड़ी ही देर बाद हत्यारा युवक भी वहां पहुंच गया। 1:38 बजे हत्यारा राम रहीम की गर्दन पकड़ लेता है और हाथों से उसका गला दबा देता है। राम रहीम उससे छूटने की भी कोशिश करता था, लेकिन वह उसे नहीं छोड़ता। इसी दौरान सामने से एक कार आती है तो हत्यारा कार को देखकर मुंह घुमा लेता है। कार के जाने के बाद राम रहीम को जमीन पर गिराकर काफी देर तक उसकी गर्दन दबा रखता है। इसके बाद भी उसकी गर्दन और छाती पर पैर रखकर खड़ा होता। इसके बाद वह पुलिस चौकी के सामने पड़े पत्थर को उठाकर लाता है और राम रहीम के सिर में जोर से पत्थर मार देता है। इसके बाद पत्थर को उठाकर वापस वहीं पर रख आता है, जहां से उसे उठाकर ले गया।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि हत्यारे ने पहले ही योजना बना ली थी कि वह रामरहीम की जान लेगा। पहले जब हत्यारा घटना स्थल पर पहुंचा तो उसे राम रहीम नहीं मिला, जिसके बाद वह लौट गया। लेकिन कुछ देर बाद ही राम रहीम कहीं से घूमता हुआ यहां पहुंचा और उसके पीछे पीछे वह भी पहुंच गया था।
कहां थी पुराना कसबा चौकी पुलिस?
बागपत। वारदात जिस जगह हुई, वहीं पर पुलिस चौकी है। सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है कि जब वारदात को अंजाम दिया जा रहा था तो उस समय चौकी पर तैनात पुलिस कहां थी। अगर चौकी पर पुलिस होती तो राम रहीम की जान बच सकती थी। पुराना कस्बा मोहल्ले के लोगों ने बताया कि चौकी पर पुलिस न तो दिन में रहती है और न ही रात में। एक पुलिस कर्मी चौकी पर हर समय तैनात रहना चाहिए। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी गश्त पर गए हुए थे। चौकी पर कोई पुलिस कर्मी नहीं था। सीसीटीवी में साफ है कि जिस समय हत्या की गई उससे आधा घंटे पहले ही पुलिस जीप वहां से गुजरी थी। जिस समय गश्ती पुलिस वहां से गुजरी थी, उस समय भी हत्यारा युवक पुलिस चौकी के सामने ही खड़ा हुआ था। पुलिस ने उससे एक बार भी यह पूछना मुनासिब नहीं समझा कि वहा रात में यहां क्यों खड़ा था। पुलिस तेजी से जीप लेकर गुजर गई। यह सब सीसीटीवी फुटेज में सामने आया है।
15 साल का रिश्ता, लोगों ने नाम रखा था राम रहीम
बागपत। पुराना कस्बा निवासी हाजी उस्मान ने बताया कि मृतक राम रहीम मानसिक रूप से कमजोर था। वह पिछले करीब 15 साल से मोहल्ले में ही घूमता रहता था और होटलों पर मांगकर खाना खाता था। वह सड़क किनारे पेड़ के नीचे पूरे दिन सोता रहता था और रात्रि में इधर-उधर घूमता था। मोहल्ले के लोग भी उसे खाने के लिए कुछ न कुछ देते रहते थे। पुराना कस्बा के लोगों ने मृतक युवक का हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मिलकर राम रहीम नाम रखा हुआ था। सभी उसे राम रहीम के नाम से जानते थे। वह कहां का रहने वाला था, इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता है।
15 दिन पहले ही लगवा थे सीसीटवी कैमरे
बागपत। हाजी उस्मान ने बताया कि उन्होने अपने घर पर 12 मार्च को ही कैमरे लगवाए थे। रामरहीम की मौत की जानकारी होने के बाद उनका बेटा रिजवान सीसीटीवी कैमरे की फुटेज यह देखने लगा कि रात्रि में किस वाहन ने उसे टक्कर मारी थी, तो पूरा घटनाक्रम आइने की तरह साफ हो गया।
सीरियल किलिंग की घटनाओं से दहल गया था बागपत
बागपत। वारदात के दौरान जिस तरह से हत्या की गई उससे 18 साल पहले सिलसिलेवार हुई हत्या की वारदात लोगों के दिलों के दिमाग पर ताजा हो गई। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं उनमें भी यही साइको किलर शामिल नहीं था,जो उस समय पुलिस की पकड़ से बच गया।
करीब 18 साल पहले सीरियल किलिंग की घटना शुरू हुई थी। करीब नौ परिवारों के 30 लोगों की हत्या दो-तीन साल के दौरान हुई थी। दो वारदात तो इसी इलाके में हुई थी, जिसमें रामरहीम की हत्या की गई। इन सभी वारदात में हत्या सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार कर की गई थी। रामरहीम की हत्या में सिर पर पत्थर से प्रहार किया गया। हालांकि पुलिस ने इन सभी वारदात का खुलासा कर दिया था, लेकिन पुलिस के खुलासों पर सवाल उठते रहे थे। सवाल यह भी उठ रहा है कि मानसिक बीमार युवक की किसी से क्या दुशमनी हो सकती है।
मामले की हर बिंदु पर जांच कराई जा रही हैै। हत्या करने वाला साइको किलर भी हो सकता है। जयप्रकाश, एसपी, बागपत