मेरठ। सोहरका के नरेंद्र हत्याकांड में विवेचना कर आरोप पत्र दाखिल करने वाले इंस्पेक्टर सुशील कुमार दूबे से अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा जिरह नहीं की गई। जबकि सरकारी वकील मुकेश मित्तल के साथ इंस्पेक्टर न्यायालय में उपस्थित रहे। शाम तक अदालत द्वारा कई बार पुकार कराने के बाद भी जिरह नहीं हुई तो फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-1 प्रकाश तिवारी ने इंस्पेक्टर से जिरह का अवसर समाप्त कर अगले गवाह के लिये इंस्पेक्टर प्रदीप त्रिपाठी को 21 मार्च के लिये तलब किया है। बता दें कि परतापुर के सोहरका गांव में 19 अक्तूबर 2016 को नरेंद्र की हत्या कर दी गयी थी। जिसमें पुलिस ने आरोपी मालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नरेंद्र हत्याकांड में चश्मदीद उसका बेटा भोलू और पत्नी निछत्तर कौर की 24 जनवरी को हत्या कर दी गई थी। सोमवार को इस मामले में आरोप पत्र दाखिल करने वाले इंस्पेक्टर सुशील कुमार दूबे जिरह के लिये उपस्थित हुए क्योंकि उनके बयान दर्ज हो चुके हैं। सोमवार को जिरह के लिये बार-बार अदालत के पुकार के बाद भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए।