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पुलिस अफसरों के सामने फूटक रोई गैंगरेप पीड़िता

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पुलिस अफसरों के सामने फूट-फूटकर रोई गैंगरेप पीड़िता
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मेरठ। गैंगरेप पीड़िता बृहस्पतिवार को पुलिस अफसरों के सामने खूब रोई और आपबीती सुनाई। आरोप लगाया कि पुलिस ने दो आरोपियों को बचाते हुए एफआईआर में नाम दर्ज नहीं किए। पुलिस ने न मेडिकल कराया और न ही बयान दर्ज कराए।
घटना 21 दिसंबर की है। मुंडाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय छात्रा दोपहर को स्कूृल से पढ़कर घर जा रही थी। छात्रा का आरोप है कि गांव का रहने वाला एक युवक अपने साथियों के साथ उसे जबरन खींचकर ईख के खेत में ले गया। वहां चारों ने उसे बंधक बनाकर गैंगरेप किया। आरोपियों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बना ली। साथ ही धमकी दी कि यदि घर पहुंचकर कुछ बताया तो तेरे भाइयों की हत्या कर देंगे। बाद में किशोरी को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए।
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पीड़िता शाम को घर पहुंची और आपबीती सुनाई। परिजन छात्रा को लेकर थाने पहुंचे और चारों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने तहरीर बदल दी और दो आरोपियों पर मुकदमा ही दर्ज नहीं किया। बृहस्पतिवार को पीड़ित परिजन छात्रा को लेकर एसएसपी से मिले। कहा कि आरोपियों ने वीडियो को वायरल कर दिया। एसएसपी मंजिल सैनी ने एसपी देहात से घटना की जानकारी ली। वहीं एसपी देहात ने एसओ मुंडाली को कड़ी फटकार लगाते हुए तलब कर लिया। पीड़ित परिजनों ने कहा कि आरोपी समझौता नहीं करने पर हत्या की धमकी दे रहे हैं। एसपी देहात राजेश कुमार ने एसओ को कड़ी फटकार लगाई।
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एसपी देहात के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कराए और उसका मेडिकल कराया। पुलिस ने रात में आरोपियों के घर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिले। एसपी देहात का कहना है कि वीडियो वायरल की जांच साइबर सेल से कराई जा रही है।
खास बात
मुंडाली क्षेत्र के एक गांव का मामला, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
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