मेरठ। शादी समारोह में घोड़ी नचाने वाले बबलू गुर्जर की हत्या का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। बबलू की हत्या दो फौजी ने अपने एक रिश्तेदार के संग मिलकर की थी। पुलिस ने एक फौजी व रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है। फौजी ने बताया कि बबलू के उसकी भाभी से अवैध संबंध थे।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय और एसपी देहात राजेश कुमार ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया भावनपुर के स्याल गांव में बबलू गुर्जर की पांच मई की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने गांव के ही सुंदर, पप्पू व टीटू उर्फ अशोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने सुंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। भाजपा विधायक संगीत सोम, दिनेश खटीक, सतवीर त्यागी व भाजपा नेता मुखिया गुर्जर से नामजद आरोपी के परिजन मिलकर खुद को बेगुनाह बताते थे। भाजपा नेताओं ने एसएसपी से सही खुलासा करने की मांग की थी। इसके बाद एसपी देहात, सीओ सदर देहात ने जांच कराई, जिसमें नामजदगी गलत पाई गई।
अब यह हुआ खुलासा
एसएसपी के मुताबिक मरने वाला युवक बबलू दबंग था और उसके रिश्तेदारी में ही एक महिला से अवैध संबंध थे। महिला का देवर अजीत आर्मी में सिपाही है। वह 108 इंफेंट्री रेजीमेंट बटालियन महार आईएमए देहरादून में तैनात है। अजीत ने बबलू को समझाया तो बबलू ने उसको धमकी दी। उसके बाद अजीत ने बबलू को मारने की प्लानिंग बनाई। अजीत के गांव का नीरज भी आर्मी में सिपाही है। नीरज गांव में छुट्टी पर आया हुआ था। अजीत ने दोस्त नीरज और अपने साले तेजेंद्र के साथ मिलकर बबलू बबलू की हत्या की।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पांच मई को फौजी अजीत ऑन ड्यूटी था। उसने अपने दोस्त और साले को फोन कर कहा कि तैयार रहना है, आज बबलू का खात्मा करना है। अजीत ने अपना फोन देहरादून अपने क्वार्टर पर रखा और किराये की गाड़ी से सात बजे देहरादून से मेरठ के लिए चल दिया। करीब 12 बजे वह गांव में पहुंचा। जहां पर उसको नीरज, तेजेंद्र मिले। तीनों बबलू की तलाश में उसके घर पहुंचे। जहां पर वह नहीं मिला। उसके घर पर घोड़ी भी नहीं थी। जिससे उन्होंने अंदेशा लगाया कि बबलू किसी शादी कार्यक्रम में घोड़ी नचाने गया होगा। तीनों गांव के बाहर ही बैठ गए। करीब 1:30 बजे बबलू जैसे घोड़ी लेकर पहुंचा, तभी तीनों ने उसकी हत्या कर दी।
दो कोड़ी की इज्जत नहीं छोड़ी
प्रेसवार्ता में आरोपी अजीत ने बताया कि बबलू मेरा रिश्ते में भाई लगता है। लेकिन उसने उनकी इज्जत गांव में दो कोड़ी की नहीं छोड़ी। वह गांव की लड़कियों के साथ जबरन संबंध बनाता था। उसकी भाभी से भी संबंध थे। गांव में बहुत बदनामी हो रही थी। वह एक साल से छुट्टी पर घर भी नहीं आया। एक बार उसने गांव में आकर बबलू को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह नहीं माना और पिस्टल लेकर गोली मारने के लिए पीछे दौड़ पड़ा। पुलिस ने बताया कि अजीत को उसके साथी फौजी भी उकसाते थे कि इज्जत नहीं तो कुछ नहीं। उसके बाद उसने बबलू को मारने का प्लान बना लिया।
ऐसे पहुंचे आरोपियों तक
पुलिस ने बताया कि बबलू की हत्या के बाद से गांव में चर्चा थी कि नामजदगी गलत हुई है। हत्या तो महिला के अवैध संबंध के चलते हुई है। जिसके बाद पुलिस ने अजीत और नीरज की कॉल डिटेल खंगाली। जिसमें तेजेंद्र का नंबर आया। पुलिस ने तेजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में तेजेंद्र ने सारी बात बता दी। उसके बाद पुलिस देहरादून पहुंची और अजीत की रिपोर्ट दी। आर्मी ऑफिसरों ने अजीत को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। दूसरा फौजी नीरज अभी फरार है। जिसकी तलाश जारी है।
सुंदर को जेल से छुड़ाएगी पुलिस
पुलिस ने बताया कि नामजद सुंदर को जेल भेजा था। जिसको जेल से छुड़ाने के लिए भावनपुर थाना पुलिस 169 की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। असली आरोपियों से पीड़ित परिवार का सामना करा दिया है।