हत्या को हादसा बताने का आरोप, हंगामा
मेरठ। छह माह पहले हुई युवक की मौत के मामले में महिला ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि युवक की हत्या की गई थी और पुलिस ने उसे हादसा बता दिया। तीन महीने तक थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और पांच लाख रुपये की मांग की। बाद में केस की विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई।
टीपीनगर क्षेत्र के चंद्रलोक कॉलोनी निवासी मोहित उपाध्याय एक बैंक में नौकरी करता था। 10 नवंबर 2017 को मोहित का शव बपारसी पुल पर मिला था। युवक की पत्नी ने सरधना थाने में चार युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि घर से चारों युवक मोहित को बुलाकर ले गये थे और सिर में प्रहार करे हत्या कर दी। आरोप है कि सरधना पुलिस ने इस केस में युवक की पत्नी से पांच लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोपियों पर हत्या की धारा लगाई जाएगी तो पैसे देने होंगे। पीएम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत होना आया था। आरोप है कि पुलिस ने हत्या के मामले को हादसा बता दिया। बाद में एसएसपी से शिकायत की गई जिसके बाद विवेचना को क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दी गई।
युवक की पत्नी पोयम ने सोमवार को कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी ऑफिस पर हंगामा कर दिया। इस दौरान पुलिस से भी तीखी नोकझोंक भी हुई। एसपी क्राइम शिवराम यादव ने कहा कि इस केस की विवेचना कुछ समय पहले ही क्राइम ब्रांच में मिली है। जिन युवकों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी उनकी लोकेशन और बयान भी नहीं मिले। पुलिस साक्ष्यों के आधार ही कार्रवाई कर रही है।