मेरठ। पीवीवीएनएल का निलंबित कर्मचारी सोमवार को ऊर्जा भवन पर आत्मदाह करने पहुंच गया। कर्मचारी को संदिग्ध हालत में घूमते देख ऊर्जा भवन पर तैनात होमगार्डों ने उसे दबोच लिया और उसके बैग से पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस छीन ली। एमडी के आने के बाद कर्मचारी को उनसे मिलाया गया।
पिछले सप्ताह कई सालों से भुगतान नहीं होने की बात कहते हुए बागपत का एक ठेकेदार ऊर्जा भवन पर आत्मदाह करने पहुंचा था। अब सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार विद्युत वितरण उपखंड प्रथम मुरादनगर (गाजियाबाद) से संबद्ध श्रमिक अरुण कुमार सुबह करीब नौ बजे ऊर्जा भवन पहुंच गया। पहले से ही अलर्ट बैठे होमगार्ड नदीम व सुशील ने उसे पकड़ लिया। उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें से पेट्रोल की बोतल और माचिस मिली। होमगार्ड ने अरुण को अपने पास बैठा लिया और चाय पिलाकर शांत किया। इसके बाद सवा दस बजे पहुंचे कंपनी के एमडी आशुतोष निरंजन से अरुण को मिलाया गया।
अरुण ने बताया कि निलंबित तिथि 26 अगस्त 2017 तक विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय मुरादनगर द्वारा जुलाई 2017 के वेतन का भुगतान नहीं किया है और उपखंड अधिकारी और एक लिपिक ने पुरानी रंजिश रखते हुए गंभीर आरोप लगाकर निलंबित करा दिया है। तमाम कोशिश करने के बाद भी उसे बहाल नहीं होेेने दिया जा रहा है। इस संबंध में गत 9 दिसंबर को पत्र देकर 25 दिसंबर तक इच्छा मृत्यु की अनुमति देने और 1 जनवरी 2018 को ऊर्जा भवन पर आत्मदाह करने का एलान किया था। इस पर एमडी ने कड़ी फटकार लगाई और उसे तुरंत तबादले वाली जगह चार्ज लेने के आदेश दिए। साथ ही मामले की जांच एक सप्ताह में करने के आदेश अधिकारियों को दिए। वहीं सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस औपचारिकता पूरी कर लौट गई।
खास बात
होमगार्ड ने छीनी पेट्रोल से भरी बोतल और माचिस