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कबाब के लिए सप्लाई हो रहा था मृत पशुओं का मीट

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- कमेला रोड के पास झुग्गी झोपड़ियों में हो रहा था मृत पशुओं का कटान
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- दूसरे समुदाय के लोगों ने दो युवकों को पीटकर लिसाड़ी गेट पुलिस को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। कमेला रोड के पास बृहस्पतिवार दोपहर झुग्गी झोपड़ियों में मृत पशुओं का कटान पकड़े जाने के बाद बखेड़ा हो गया। दूसरे समुदाय के लोगों ने दो आरोपियों को जमकर पीटा। झोपड़ियों में तोड़फोड़ कर आगजनी की कोशिश की। दो घंटे बाद लिसाड़ी गेट मौके पर पहुंची तो भीड़ ने घेराव कर नारेबाजी कर दी।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में कमेला रोड से सटे नाले पर कंजर वाले पुल के पास पिछले कुछ दिनों से दूसरे समुदाय के लोग लगातार पुलिस से शिकायत कर रहे थे। इनका कहना था कि झुग्गी झोपड़ियों में कुछ लोग अवैध तरीके से पशुओं का कटान कर रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर काले दादा की झोपड़ी में दूसरे समुदाय के लोग पहुंचे तो वहां भारी संख्या में पशुओं के अवशेष थे। इस बीच भीड़ जुट गई और हंगामा कर दिया। भीड़ ने झोपड़ी से दो युवकों को पकड़कर पीट दिया। जबकि मौके से दो महिलाओं समेत करीब दस लोग फरार हो गए।
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कंट्रोल रूम की सूचना पर काफी देर बाद यूपी 100 की गाड़ी पहुंची। जबकि हंगामा होने के बावजूद लिसाड़ी गेट पुलिस एक घंटे तक नहीं पहुंची। बाद में पहुंचे सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने भीड़ को शांत कराया। सीओ के अनुसार झोपड़ी से करीब 150-200 पशुओं के अवशेष मिले है। जिनके पशु चिकित्सक बुलाकर सैंपल भरवाने के बाद जमीन में दबवा दिया गया।
एसओ के खिलाफ नारेबाजी
सीओ कोतवाली के सामने भड़की भीड़ ने लिसाड़ी गेट पुलिस की मिलीभगत से अवैध कटान का आरोप लगाकर एसओ के खिलाफ नारेबाजी कर दी। भीड़ एसओ लिसाड़ी गेट को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गई। समझाने की कोशिश पर भीड़ ने सीओ से कहा कि एक माह से लगातार पुलिस से शिकायत करने के बावजूद लोगों को टरका दिया जाता था। आरोप लगाया कि एसओ लिसाड़ी गेट की मिलीभगत से यहां के लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है। सीओ ने कहा मामले में जांच करा रहे हैं।
रात में लाए जाते थे पशु
पड़ोस में रहने वाले सलीम, जावेद, चांद मोहम्मद, मोहम्मद इरफान आदि ने सीओ को बताया कि रात को आसपास के लोगों के सो जाने पर आरोपी छोटे पशुओं के अलावा भैंस, भैंसा लाते थे। इनमें एक आरोपी पर मृत पशुओं का ठेका भी बताया गया। पुलिस का मानना है कि जिंदा पशुओं की आड़ में मृत पशुओं को रात में लाकर झुग्गी झोपड़ियों में काटा जा रहा था।
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कोट
जांच में सामने आया कि यह गिरोह जिंदा कटरा, भैंस की आड़ में मृत पशुओं को काटकर कबाब के लिए सप्लाई कर रहा था। पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ चल रही है। - रणविजय सिंह, सीओ कोतवाली
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