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अपनी सुरक्षा खुद ही न ही कर पा रही किठौर पुलिस

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खुद की घटना को छिपाने की कोशिश के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद
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आनन-फानन में 13 नामजद तथा कई अज्ञात के खिलाफ कई घंटे बाद मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। लोगों को भयमुक्त सरकार देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार में पुलिसकर्मी खुद अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं किरकिरी से बचने के लिए पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कसने के बजाय, सेटिंग कर मामले को दबाने के प्रयास में जुटी रहती है। मामला सार्वजनिक होेने पर पुलिस को मुकदमा कायम करना पड़ा। खास बात यह है कि इतना सब होने के बावजूद दो दिन बीतने के बावजूद अभी तक जिस वारंटी को गिरफ्तार करने गई थी पुलिस उसका सुराग नहीं लगा पाई है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस पर हमला करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गौरतलब है कि एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस के एसआई विकास चौहान और नाजिर अली पुलिस बल के साथ मंगलवार को किठौर से सटे ग्राम शाहजमाल में वारंटी आमिर को पकड़ने गए थे। पुलिस ने उसे सरकारी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद लोगों ने पुलिस पर हमला बोल दिया तथा वारंटी आमिर को छुड़ा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिसकर्मियों के साथ लोगों ने जमकर मारपीट की तथा पथराव किया। इसके चलते पुलिस को वहां से भागना पड़ा। बताया कि इस दौरान कई पुलिसकर्मियों की वर्दी तक फट गई। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने दबिश के नाम पर गांव में कई लोगों और महिलाओं से दुर्व्यवहार और मारपीट की। जिसमें कई घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने गांव में भारी पुलिस बल के साथ फिर दबिश दी। हालांकि कोई नहीं मिला। पुलिस ने अपनी किरकिरी होती देख क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों से सेटिंग कर एक आरोपी फिरोज पुत्र वजीर की गिरफ्तारी दिखाई। पुलिस ने बुधवार तड़के 5.50 बजे 13 हमलावरों के खिलाफ मुकदमा कायम किया। इसमें आमिर, रेशमा, शाहिदा, राशिदा, साबिर, तोसीफ, आशू, वकील, कल्लू, तसलीम, फिरोज, वजीर, गुफराज तथा कई नामजद किए।
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पहले भी कई वार हो चुके हैं पुलिस पर हमले
किठौर पुलिस पर हमले का यह पहला वाक्या नहीं है। इससे पहले भी पुलिस पर कई हमले हो चुके हैं। उन्होंने आरोपियों को छुड़ाया है। खास बात यह है कि हर बार पुलिस घटना को छिपाने का प्रयास करती है।
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