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किठौली के ग्रामीणों ने एसएसपी ऑफिस पर दिया धरना

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मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के किठौली गांव निवासी युवक की मौत के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई न करने पर बुधवार को परिजनों ने एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। महिलाएं पुलिस ऑफिस में ही धरने पर बैठ गईं। महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। युवक के परिजन अफसरों के सामने आपबीती सुनाते हुए बिलख पड़े।
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जानी थाना क्षेत्र के किठौली निवासी जितेंद्र उर्फ बिन्नी ने एसएसपी ऑफिस पर शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि उसके बेटे दीपक को सात जुलाई को गांव का रहने वाला युवक अपने साथियों के साथ घर से बुलाकर ले गया था। उसके बाद आरोपियों ने दीपक को बेरहमी से पीटा। परिजन तलाशते हुए भोला झाल पर पहुंचे तो आरोपी दीपक को खून से लथपथ हालत में छोड़कर भागने लगे। दीपक को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सिर में गंभीर चोट लगने पर डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। 11 जुलाई को दीपक की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जिसमें सिर की हड्डी भी टूटी आयी थीं।
परिजनों का आरोप है कि जानी थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। हमलावर खुलेआम गांव में घूमकर धमकी दे रहे हैं। जितेंद्र ने एसपी क्राइम के सामने आरोप लगाया कि उसके बेटे दीपक की हत्या हुई है। जानी पुलिस ने आरोपी पक्ष से साठगांठ कर ली है। इसकी जांच जानी से सरधना थाने या क्राइम ब्रांच से कराई जाए। युवक की मां, पिता और भाई ने एसपी क्राइम से कहा कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वह गांव छोड़कर चलेे जाएंगे। एसपी क्राइम शिवराम यादव ने सीओ सरधना को 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। एसपी क्राइम ने इंस्पेक्टर जानी को तलब कर लिया।
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अफसरों की रोकी गाड़ी, हंगामा
किठौली के ग्रामीणों ने एसएसपी ऑफिस में घंटो धरना दिया। इस दौरान एक सीओ की गाड़ी को महिलाओं ने रोक लिया। महिलाओं ने कहा कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई और पुलिस मामले को हादसा दिखाने में लगी थी। बाद में एसपी क्राइम ने किसी तरह समझाकर धरना खत्म कराया।
विवादों में जानी पुलिस
जानी पुलिस एक बार विवादों में आ गई। सिवालखास में घर में रखे केमिकल के ड्रमों में आग से हुई तीन लोगों की मौत के मामले में थाना प्रभारी पर जांच बैठी थी। सीओ सरधना की रिपोर्ट में थाना प्रभारी की लापरवाही आयी। जिसमें एसपी देहात राजेश कुमार ने भी उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी। 10 दिन पहले किशोरी की हत्या के आरोपी पिता समेत चार लोगों को थाने से छोड़ दिया। जबकि किशोरी के भाई ने पुलिस अफसरों ने कहा था कि उसकी बहन की हत्या पिता ने पीटकर की और शव को कब्र में दफना दिया। एक माह बाद कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम हुआ और रिपोर्ट दर्ज हुई। लेकिन पुलिस ने आरोपियों को यह कहकर छोड़ दिया कि जब बिसरा रिपोर्ट आएगी उसके बाद जेल भेजेंगे। अब युवक की मौत के मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
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खास बातें:
बेटे की मौत के मामले में आरोपियों पर नहीं की कार्रवाई
एसपी क्राइम के सामने फू टकर रोया पीड़ित दंपति
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