मेरठ। 10 अप्रैल से ज्यादा 14 अप्रैल आंबेडकर जयंती पर माहौल खराब हो सकता है। ऐसी रिपोर्ट खुफिया विभाग ने तैयार की। ऐसे में पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर में 21 और देहात में 35 अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस-पीएसी का कड़ा पहरा लगाया गया है। यह सभी प्वाइंट दलितों की घनी आबादी वाले इलाके बताए गए हैं।
एससी-एसटी एक्ट खत्म की अफवाह फैलाकर दो अप्रैल शहर में उपद्रव कराया गया। अब आंबेडकर जयंती को लेकर पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। वहीं 10 अप्रैल को भारत बंद करने का ऐलान किया हुआ है। लेकिन इसको लेकर पुलिस इतनी चिंतित नहीं है। पुलिस का मानना कि बवाल का ज्यादा अंदेशा 14 अप्रैल को है। पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने दो अप्रैल को होने वाले उपद्रव की मॉनिटरिंग की, जिसके बाद दलितों की घनी आबादी पर नजर रखने के लिए अलग से प्लान बनाया।
शहर में बने ये प्वाइंट
शहरी इलाके में सुरक्षा के मद्देनजर गढ़ रोड पर शेरगढ़ी, कालियागढ़ी, गोकुलपुर, भूमियापुल, कांशीराम कॉलोनी, लिसाड़ी गांव, प्रहलादनगर, शताब्दीनगर, हरिनगर, सैनी मोहल्ला, जाटवगेट, नई बस्ती टीपीनगर, शिवपुरम, साबुन गोदाम, कंकरखेड़ा बाईपास पर शोभापुर, खड़ौली समेत 21 प्वाइंट बने है।
देहात में ये बने
मवाना रोड पर कसेरूबक्सर, अम्हेड़ा, बहचौला, सैनी, पबला, मसूरी, फिटकरी, दिल्ली रोड पर परतापुर, कंचनपुर घोपला, रिठानी, महरौली, डूंगरावली, कुंडा, इकला गावड़ी समेत 35 प्वाइंट बनाए हैं। इन प्वाइंटों पर पुलिस का पहरा लगा है।
आंबेडकर प्रतिमा पर फोर्स
एसएसपी ने बताया कि 14 अप्रैल को आंबेडकर की प्रतिमा पर लोग माल्यार्पण करेंगे। इसको लेकर पुलिस ने पहला रिकॉर्ड खंगाला है। आंबेडकर प्रतिमा पर पुलिस फोर्स लगा दी है। एसएसपी ने निर्देश दिए कि पुलिस अपने अपने इलाके के लोगों से भौगोलिक स्थिति जान लें।
गलती बर्दाश्त नहीं होगी
एसएसपी ने फ्लैग मार्च के बाद पुलिस की मीटिंग ली। जिसमें एसएसपी ने निर्देश दिए कि 10 व 14 अप्रैल को हमारी अग्नि परीक्षा है। कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। छोटी सी गलती भी हुई तो कार्रवाई होगी। कोई सूचना आए तो तुरंत मुझे बताओ।