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छात्र शिवा हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

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मेरठ। दसवीं के छात्र शिवा उर्फ भोलू हत्याकांड का बुधवार को सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा कि खेत की डोल के विवाद में मुख्य आरोपी अजय निवासी लालपुर ने प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया। इस केस में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे पूछताछ के बाद क्राइम सीन कराया गया। जबकि मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपी फरार हैं।
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इंचौली क्षेत्र के नबीपुर गांव निवासी रणवीर सिंह के बेटे शिवा की सोमवार को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने अपहरण के बाद शिवा को बंधक बनाकर परिजनों से फिरौती मांगी थी। इस दौरान परिजनों और बदमाशों के बीच हुई करीब 14 मिनट की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पुलिस के हाथ लगी। मंगलवार आधी रात पुलिस ने परीक्षितगढ़ के सोना गांव के ग्राम प्रधान सतवीर गुर्जर के पुत्र अनुज उर्फ बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। रात भर पूछताछ में उससे कई महत्वपूर्ण जानकारी मिलीं। बुधवार सुबह पुलिस ने अनुज की निशानदेही पर सुमित व कपिल निवासी लालपुर और अशरफ निवासी नंगला साहू को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि घटना वाले दिन रास्ते से शिवा को अशरफ ही ईख के खेत में जबरन खींचकर ले गया था। जहां अनुज, सुमित, अजय, आशीष और कपिल मौजूद थे। तीन घंटे तक शिवा को बंधक रखा और फिर उसको गोली मार दी थी।
ऐसे बनी हत्या की प्लानिंग
शिवा के पिता रणवीर गुर्जर के खेत लालपुर गांव निवासी अजय गुर्जर के खेत से सटे हुए हैं। रणवीर ट्रैक्टर चलाता है। शिवा भी पिता का खेतीबाड़ी में पूरा सहयोग करता था। खेत की डोल को लेकर शिवा और अजय में कुछ दिन पहले कहासुनी हुई थी। उधर, अजय के दोस्त कपिल के मकान में रणवीर ने मिट्टी डाली थी। लेकिन उसका पैसा नहीं मिला। शिवा कपिल से पैसों का तगादा करता था। अजय व उसका चचेरा भाई सुमित 23 मई 2016 को सोना गांव के प्रधान सतवीर के बेटे अनुज के साथ उसकी पत्नी रजनी की हत्या में जेल गया था। वह छह महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। अजय ने शिवा की हत्या के लिए अनुज, सुमित, कपिल और आशीष को जोड़ा। उसके बाद अजय ने नंगला साहू गांव निवासी अशरफ से संपर्क किया। ढाई लाख रुपये में शिवा की रैकी करना तय किया गया था।
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क्या हुआ था घटना वाले दिन
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे शिवा स्कूल से लौट रहा था। उसने जई गांव से साइकिल ली। लालपुर और नबीपुर गांव के जंगल के बार्डर पर शिवा को उसका चाचा बाइक पर जाता मिला था। शिवा ने चाचा से राम-राम की थी। चाचा आगे निकल गया, तभी अशरफ और सुमित ने शिवा को रोका। दोनों जबरन शिवा को खींचकर ईख के खेत में ले गए थे।
ग्रामीणों की आवाज सुनकर मारी गोली
शिवा अजय और कपिल को अच्छी तरह से पहचानता था। फिरौती की कॉल के बाद भी आरोपी शिवा को ईख के खेत में बंधक बनाकर रखे हुए थे। ग्रामीण शिवा को तलाश करते-करते ईख के खेत के काफी नजदीक पहुंच गए थे। तभी अजय ने शिवा के सीने से असलहा सटाकर गोली मार दी। ग्रामीणों ने उनकी घेराबंदी कर ली। लेकिन हत्यारोपी पकड़े जाने के डर से शिवा को तड़पती हालत में छोड़कर भाग गए थे।
आरोपियों का दावा हजम नहीं हुआ
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने दावा किया कि उनका टारगेट नबीपुर के पूर्व प्रधान सतीश गुर्जर का बेटा था। लेकिन शिवा को उन्होंने गलती से उठा लिया। शिवा उनको पहचानता था। फिरौती मांगना और फिर उसे मारना मजबूरी बन गया था। आरोपियों की यह बात पुलिस को हजम नहीं हो रही। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने जानबूझकर शिवा को अगवा किया। पूर्व प्रधान का बेटा स्कूल साइकिल से नहीं जाता है। पुलिस पूर्व प्रधान से भी पूछताछ कर रही है।
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