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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना में फंसी पुलिस

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मेरठ। दहेज उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार करके लाए गए आरोपी का न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तबरेज अहमद ने न्यायिक रिमांड बनाने से इंकार करते हुए निजी मुचलके पर छोड़ने के आदेश दिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने पर इस प्रकरण से संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
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गंगानगर निवासी गुंजन पुत्री रवि उपाध्याय ने माछरा निवासी पति विशेषांक, ससुर गौरी लाल, सास मुनेष, देवर जयदीप, ननद ज्योति और मामा संदीप के खिलाफ विगत सात जुलाई को थाना गंगानगर में दहेज उत्पीड़न के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बुधवार को आरोपी जयदीप को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड बनाने की प्रार्थना की थी। जिस पर जयदीप के अधिवक्ता नरेश त्यागी ने गिरफ्तारी और रिमांड प्रार्थनापत्र पर विरोध जताया। कोर्ट ने बहस और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए रिमांड प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया। सीजेएम कोर्ट ने विगत 13 जुलाई को ऐसे ही एक प्रकरण में थाना गंगानगर पुलिस के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश उच्चाधिकारियों को दिए थे। खास बात
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- गंगानगर थाना पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था दहेज उत्पीड़न का आरोपी
- सीजेएम कोर्ट ने मुचलके पर छोड़ा, पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश
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