मेरठ। शताब्दी नगर में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना में सोमवार को हंगामा हो गया। यहां निर्माण में लगे ठेकेदार के कर्मचारियों और मजदूरों को ग्रामीणों ने बुरी तरह से पीटा, जिसमें कई कर्मी बुरी तरह से घायल हो गए। आरोपियों के खिलाफ थाना परतापुर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शताब्दी नगर के सेक्टर एक में मेरठ विकास प्राधिकरण 576 प्रधानमंत्री आवास बना रहा रहा है। उधर, यहां किसान कई बार इसका विरोध कर चुके हैं। किसानों का कहना है कि अभी तक उन्हें समझौते के तहत तय हुआ मुआवजा नहीं मिला है। पिछले दिनों किसान नेता राममेहर सिंह के साथ किसान एमडीए अधिकारियों से भी मिले थे और काम बंद करा दिया गया था। हालांकि आश्वासन के बाद दो दिन पूर्व काम चालू करा दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर ठेकेदार के लोगों ने यहां काम शुरू किया। मजदूरों ने यहां एक पेड़ को काटना शुरू कर दिया, जिस पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दे दी। वन विभाग की टीम पहुंची तो उसके बाद पेड़ को नहीं काटा गया। लेकिन सोमवार को निर्माण कार्य करने के लिए कर्मियों ने जेसीबी से पेड़ उखाड़ना शुरू किया तो करीब एक दर्जन युवक मौके पर पहुंचे। जिसके बाद युवकों और कर्मियों में विवाद हो गया। आरोप है कि ग्रामीण युवकों ने जेसीबी चला रहे रोहित और रवि को पीटना शुरू कर दिया। बीच बचाव में आए अंकित को भी लाठी डंडों व लोहे की रॉड तथा पेचकस पर हमला बोल दिया। जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
युवकों ने जेसीबी में भी तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर परतापुर पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी युवक फरार हो गए। पुलिस ने तीनों घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनकी हालत गंभीर है। रोहित की और से परतापुर थाने में आरोपी अरुण व दस अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। एसएसआई सतेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित की ओर से आरोपियों के खिलाफ काम में बाधा डालने व जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से नहीं लेना-देना
यह विवाद किसानों का नहीं है। पता यह चला है कि कुछ युवक इस पेड़ के नीचे बैठकर ताश खेल रहे थे। ठेकेदार के कर्मचारियों ने पेड़ उखाड़ना चाहा तो इस पर कहासुनी हो गई जो मारपीट में बदल गई। किसानों ने किसी से मारपीट नहीं की है। हमने तो काम चालू करा दिया था। -राममेहर सिंह, किसान नेता
किसानों ने नहीं की मारपीट
यहां मुआवजा संबंधी सभी मामलों का पटाक्षेप हो चुका है। मुझे पता चला है कि कुछ मारपीट हुई है, पर यह किसानों ने नहीं की है। लोगों को चाहिए कि वह प्रधानमंत्री आवास योजना में सहयोग करें। इस बाबत मैं भी आला अधिकारियों से बात कर रहा हूं। -साहब सिंह, वीसी एमडीए
खास बातें:
- पेड़ काटने व योजना का विरोध कर रहे थे ग्रामीण, एक दर्जन युवकों ने बोला हमला
- रिठानी का है मामला, किसानों ने कहा उन्होंने नहीं बल्कि अन्य लोगों ने की है पिटाई