मेरठ। पुलिस की परीक्षा में मुन्नाभाई सेंधमारी नहीं कर सके। अधिकारियों का दावा कि पुलिस का चक्रव्यूह सॉल्वर गैंग नहीं तोड़ सका। एक भी आरोपी सॉल्वर परीक्षा में नहीं बैठ पाया। पुलिस और एसटीएफ ने कई जिलों में सॉल्वर गैंग पकड़ा, जिन्होंने खुलासा किया कि वह परीक्षा कक्ष तक नहीं पहुंचे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने अभ्यर्थियों से लाखों रुपये लिए। लेकिन नकल कराने में सफल नहीं हो सके।
उत्तर प्रदेश में 42 हजार सिपाहियों की भर्ती चल रही है। 18 व 19 जून को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सेंटर बनाकर अभ्यर्थियों को परीक्षा कराई गई। दोनों दिन पुलिस परीक्षा में नकल कराने की प्लानिंग जबरदस्त बनी थी। गोरखपुर, इलाहाबाद, मेरठ, सहारनपुर और शामली समेत कई जिलों में पुलिस और एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग पकड़े।
पुलिस अफसरों के अनुसार इस बार अभ्यर्थियों की सेंटर में एंट्री कराने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई थी। कई सेंटरों पर अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर गैंग द्वारा भेजे फर्जी अभ्यर्थी बायोमेट्रिक मशीन पर पकड़े गए। तकनीकी सिस्टम से नकल कराने का प्लान भी सॉल्वर गैंग का फेल हो गया। कई जिलों में तो सॉल्वर गैंग सेंटरों तक नहीं पहुंच पाया और पुलिस या एसटीएफ ने उनको दबोच लिया। अफसरों की मानें तो इस बार परीक्षा में सख्ती रही। उसके चलते सॉल्वर गैंग भी पकड़े गए। इस गैंग ने अभ्यर्थियों से ठगी तो बहुत की। लेकिन सफलता नहीं मिली।
अभ्यर्थी तक बने सॉल्वर गैंग
सॉल्वर गैंग ने पुलिस का चक्रव्यूह तोड़ने के लिए अभ्यर्थी बनकर पुलिस की परीक्षा भी दी। दूसरे दिन नकल के इरादे से परीक्षा देने का प्लान जरूर बना। लेकिन सेंटर तक नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने बताया कि तीन आरोपी ऐसे पकड़े गए हैं, जिन्होंने सोमवार को अपनी पुलिस की परीक्षा दी थी। लेकिन सॉल्वर गैंग की प्लानिंग के तहत दूसरे दिन सेंटर पर नहीं घुस सके।
जानकर भी अनजान क्यों
नकल माफियाओं को जानकारी थी कि इस बार पुलिस के बंदोबस्त ज्यादा है। इसके बावजूद भी वह हाथ-पैर मार रहे थे। क्योंकि उन्होंने अभ्यर्थियों से मोटा पैसा लिया हुआ था। यकीन दिलाया कि नकल कराने के लिए प्रयास तो हुए, जिसमें वह जेल चले गए।
जबरदस्त रही प्लानिंग
प्रदेश के कई जिलों में सॉल्वर गैंग पकड़े हैं। एक गैंग एक-दूसरे से जुड़ा था या नहीं, इसकी अभी जांच चल रही है। सॉल्वर गैंग परीक्षा सेंटर तक नहीं पहुंच पाया। पुलिस की प्लानिंग जबरदस्त थी। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
- बायोमेट्रिक मशीन से अभ्यर्थियों की होती है परीक्षा में एंट्री
- कई जगह पहले ही पकड़े, परीक्षा तक नहीं पहुंचा सॉल्वर गैंग