एक कैंटर में 48 पशु, जनाक्रोश, सांप्रदायिक तनाव
कंकरखेड़ा (मेरठ)। हाइवे पर खिर्वा चौराहे के पास मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पशुओं से लदा कैंटर स्विफ्ट कार को टक्कर मारकर अनियंत्रित होकर पलट गया। कैंटर में 48 पशु भूसे की तरह ठूंसे गए थे। जिनमें से एक भैंस की मौत हो चुकी थी। कैंटर में पशुओं की मरणासन्न हालत देखकर आसपास के ग्रामीण आक्रोशित हुए तो आधा दर्जन आरोपी भाग निकले। भीड़ ने कैंटर में आगजनी का प्रयास करते हुए एक आरोपी को पकड़कर धुन दिया। वहीं, पुलिस ने सभी पशु ग्रामीणों में बांट दिए। कुरैशी बिरादरी के लोग पशु जबरन वापस लेने पहुंचे तो तनाव व्याप्त हो गया।
पुलिस के अनुसार यह कैंटर इन पशुओं को कटान के लिए सहारनपुर की तरफ से लेकर आ रहा था। वहीं, मुबारिकपुर गांव निवासी विक्रम व हरीश की सोमवार रात चोरों ने आधा दर्जन भैंस चोरी कर ली थीं। दोनों स्विफ्ट कार से भैंसों की तलाश में निकले थे। इस बीच उन्होंने हाइवे पर जिटौली गांव के सामने पशुओं से भरा कैंटर देखकर पीछा करना शुरू कर दिया था। खिर्वा चौराहे के पास हरीश ने ओवरटेक कर कैंटर रोकना चाहा तो कैंटर चालक ने कार को साइड दे मारी। लेकिन उसके बाद कैंटर भी सड़क किनारे गड्ढे में जाकर पलट गया।
पशुओं की हालत देखकर भड़के
हरीश और विक्रम का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कैंटर में ठूंसे मिले पशुओं की हालत देखकर भड़क गए। ग्रामीणों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू की तो चालक और क्लीनर समेत करीब आधा दर्जन लोग भाग निकले जबकि उनके एक साथी भूरा पुत्र इरफान निवासी लावड़ को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दबोच लिया। जिसे बुरी तरह से पीटा।
उफ! पशुओं से ऐसी निर्दयता
मौके पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस ने आरोपी को लोगों से छुड़ाया। लेकिन कैंटर में दबे पशुओं को निकालने की कोई पहल नहीं की गई। कैंटर में पशु एक-दूसरे के नीचे दबकर बुरी तरह से फंसे हुए थे। दर्द के मारे कराहें ना इसलिए सभी के मुंह बंद किए हुए थे। एक भैंस के गले की रस्सी इतनी खींची हुई थी कि वह उसके गले में धंसती चली गई। आखिरकार उसने भैंस की गर्दन को काट दिया। जिससे भैंस की कैंटर में ही मौत हो गई। इसके अलावा कोई पशु कैंटर से ऐसा नहीं निकला जो जख्मी न हो। पशुओं के साथ ऐसी निर्दयता देखकर लोग आगबबूला हो रहे थे। बाद में ग्रामीणों ने ही मशक्कत कर पशुओं को निकाला।
आग लगा दो कैंटर में
पशुओं की दुर्दशा देखकर गुस्साए ग्रामीणों ने नारेबाजी कर कैंटर में आग लगाने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को रोका। जिन ग्रामीणों ने कैंटर से पशुओं को निकालने में मदद की, उन्हें पुलिस ने पशु बांट दिए। लेकिन पशुओं को लेने के लिए ग्रामीण आपस में ही भिड़ गए। जिन्हें पुलिस ने शांत किया। सब इंस्पेक्टर रावेंद्र तालियान का कहना है कि सभी पशुओं को मदद करने वाले ग्रामीणों को वितरित कर दिया है। ग्रामीणों से आईडी व एड्रेस प्रूफ लिए गए हैं।
नहीं पहुंचा कोई भाजपाई
जरा-जरा सी बात पर हंगामा काटने वाले भाजपाई इस दौरान गायब रहे। पशुओं से भरा कैंटर पकड़े जाने की सूचना ग्रामीणों ने कई भाजपा नेताओं को दी। लेकिन कोई नेता या कार्यकर्ता मौके पर नहीं पहुंचा, जबकि कंकरखेड़ा भाजपा का गढ़ माना जाता है।
माहौल खराब होगा तो होने दो
सभी पशु लावड़ निवासी कुरैशी बिरादरी के लोगों के बताए गए। जिनकी कंकरखेड़ा में कई जगह रिश्तेदारी है। लावड़ से दूसरे समुदाय के दर्जनों लोग रिश्तेदारों के साथ कंकरखेड़ा में मौके पर पहुंचे और हंगामा कर दिया। पुलिस से कहा कि हमारे करीब आठ लाख रुपये कीमत के पशु हैं, ऐसे कैसे ग्रामीणों को बांट दिए। पुलिस ने इन लोगों को यह कहकर जाने को कह दिया कि यहां माहौल बिगड़ सकता है इसलिए चुपचाप चले जाओ। बावजूद इसके ये लोग कहने लगे कि माहौल खराब होगा तो होने दो। हमारे पशु लौटाओ, वरना हम छीन लेंगे। बाद में एसएसआई रविंद्र पंत ने सभी लोगों को डांट फटकार कर मौके से खदेड़ दिया।
जांच के बाद कार्रवाई
कैंटर को कब्जे में लेकर सभी पशु स्थानीय ग्रामीणों के सुपुर्द किए गए हैं। एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। -दीपक शर्मा, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा
खास बातें:
सहारनपुर से कटान के लिए लाए जा रहे पशु, एक भैंस मरी
कार को टक्कर मारकर पलटा कैंटर, ग्रामीणों ने दूसरे समुदाय के युवक को पीटा
कैंटर में आगजनी की कोशिश, पुलिस ने ग्रामीणों को बांटे पशु, दूसरे समुदाय के लोग जबरन लेने पहुंचे