पश्चिमी उत्तर प्रदेश की युवा पीढ़ी को लगातार नशीले पदार्थों की लत लगाई जा रही है। पल्लवपुरम ने बुधवार को इसका भंडाफोड़ करते हुए अलीगढ़ निवासी चार युवकों को करीब 32 लाख रुपये कीमत के 16 किलो गांजे (नशीला पदार्थ) के साथ गिरफ्तार किया है। यह गांजा हरिद्वार की एक महिला को सप्लाई किया जाना था। जिसके बाद महिला अपने नेटवर्क से इसे हरिद्वार सहित वेस्ट यूपी में सप्लाई करती।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी और सीओ दौराला बीएस वीर कुमार ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। जिसमें सुरेंद्र नगर अलीगढ़ निवासी नीरज कुमार पुत्र हरीशचंद्र और सुनील राजपूत पुत्र राजबहादुर, गांधी पार्क अलीगढ़ निवासी राजीव गुप्ता और भगवान नगर सासनी गेट अलीगढ़ निवासी विशाल गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश को मीडिया के सामने पेश किया। एसपी सिटी ने बताया कि इंस्पेक्टर पल्लवपुरम सत्येंद्र प्रकाश सिंह की टीम ने मोदीपुरम चेक पोस्ट के पास स्विफ्ट कार की चेकिंग के दौरान इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से आठ पैकेट (16 किलो) गांजा बरामद किया गया। जिसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 32 लाख रुपये बताई जाती है। चारों आरोपियों का एनडीपीएस एक्ट में चालान कर दिया गया।
हरिद्वार की मालती से कनेक्शन
एसपी सिटी के मुताबिक आरोपी नीरज कुमार ने पूछताछ में बताया कि उन्हें इस गांजे की खेप की सप्लाई हरिद्वार में मालती नाम की महिला को देनी थी। उनका गिरोह इससे पूर्व पांच बार अलीगढ़ से गांजा लाकर इस महिला को सप्लाई कर चुका है। वह यह गांजा राहुल और नकुल निवासी बेगमबाग, अलीगढ़ से खरीदकर सप्लाई करते थे।
वेस्ट में बड़ा नेटवर्क
एसपी सिटी ने बताया कि मालती का वेस्ट यूपी में बड़ा नेटवर्क फैला है। वह अलीगढ़ से गांजा मंगाकर मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में सप्लाई करती है। मालती भी अलीगढ़ के इस गिरोह से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई है। आरोपियों से पूछताछ में राहुल और नकुल के नाम भी सामने आए हैं। मालती के अलावा इन दोनों आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
ढाबों, स्कूलों के आसपास बेचते हैं
पुलिस की पूछताछ में आरोपी नीरज ने बताया कि गांजे की डिमांड काफी दिनों से बढ़ी है। ढाबों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास गांजे की बिक्री ज्यादा है। इसका अलग से गिरोह सक्रिय है। पहले छात्र-छात्राओं को गांजे की लत लगाई जाती है और फिर इस गांजे को पुड़िया में बेचा जाता है। इसके अलावा शहर में चाय की दुकानों पर भी गांजे और अफीम की पुड़िया बेची जाती हैं। ऐसी ज्यादातर दुकानें स्कूल-कॉलेजों के आसपास होती हैं। जबकि हाईवे स्थित ढाबों पर भी इसकी काफी सप्लाई है।