कुख्यात मोनू जाट की क्राइम कुंडली तैयार करने के लिए पुलिस को 32 घंटे का समय मिला है। कड़ी सुरक्षा में मोनू को सोमवार को सोनीपत से मेरठ कचहरी लाया गया। सीजेएम कोर्ट ने रोहटा थाना पुलिस के प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए मोनू का 32 घंटे का कस्टडी रिमांड मंजूर किया है। रोहटा पुलिस इस अवधि में मोनू के खिलाफ तमाम सुबूत एकत्र करेगी।
रोहटा में बीती आठ सितंबर को दस लाख रुपये की रंगदारी न देने पर कुख्यात मोनू जाट व उसके साथी ने किसान शीशपाल व उसकी पत्नी संतोष की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मोनू व उसके साथी टीकरी बागपत निवासी नितिन राठी ने सोनीपत में सरेंडर कर दिया था। गिरफ्तारी के दौरान मोनू ने किसान दंपति की हत्या करना कबूल किया था। रोहटा पुलिस ने मोनू से पूछताछ और हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद करने की बात कहकर उसे कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी डाली थी।
जिस पर सोमवार को सोनीपत से मोनू जाट को सीजेएम संजय सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम ने मोनू जाट की मंगलवार सुबह 10 बजे से बुधवार शाम छह बजे तक कुल 32 घंटे की रिमांड मंजूर कर दी। मंगलवार सुबह दस बजे मोनू को रोहटा पुलिस को सौंपा जाएगा। रोहटा पुलिस ने बताया कि मोनू से किसान दंपति की हत्या में पूछताछ व हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद करने हैं। इसके अलावा उससे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर सुबूत इकट्ठा किए जाएंगे।