कुख्यातों की आड़ में छोटे बदमाश बन रहे डॉन
गजेंद्र चौधरी
मेरठ। कुख्यातों की आड़ में अब छोटे बदमाश भी डॉन बन रहे है। जेल में बंद कुख्यातों का नाम बताकर ये बदमाश फोन कर लोगों से रंगदारी मांगते है।
दो महीने में पुलिस ने रंगदारी की चार वारदात करना कबूल की। पुलिस का दावा है कि चारों वारदात में आरोपी छुटभैया बदमाश निकले। जिन्होंने खुद को कुख्यात बताकर दस लाख रुपये तक की रंगदारी मांगी है। पुलिस का मानना कि योगेश भदौड़ा, अनिल दुजाना, ऊधम सिंह व मोनू जाट के नाम से अक्सर रोजाना व्यापारी या फिर देहात में बडे़ किसानों के पास रंगदारी की कॉल आती है। आठ मुकदमे अभी दर्ज हैं, जिनकी जांच चल रही है।
मोनू जाट बताकर मांगे थे दस लाख
सिविल लाइन क्षेत्र में पांडवनगर में डेयरी संचालक बिजेंद्र सिंह से 14 फरवरी को दस लाख की रंगदारी मांगी थी। बदमाश ने खुद को मोनू जाट बताया था। पुलिस ने तीन दिन बाद दो आरोपी अतुल उर्फ रफ्तार मलिक और समर्थ जाखड़ को पकड़ा था। जिसमें समर्थ सिंगर निकला। दोनों को पुलिस ने दोनों को जेल भेजा।
योगेश भदौड़ा के नाम से मांगी थी रंगदारी
18 फरवरी को कुख्यात योगेश भदौड़ा के नाम से नदीम निवासी शूकरनगर ब्रह्मपुरी से रंगदारी मोदीनगर निवासी एक बीटेक छात्र ने मांगी थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि धमकी देने में खोये गए सिम का प्रयोग हुआ था। पुलिस ने आरोपी पकड़ा और मोबाइल भी बरामद किया।
अनिल दुजाना के नाम से आई कॉल
25 जनवरी को अनिल दुजाना के नाम से परतापुर के कारोबारी सुरेश कुमार से पांच लाख की रंगदारी मांगी। पुलिस ने जांच की तो आरोपी एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम करने वाला सुपरवाइजर निकला। जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।
ऊधम बोल रहा हूं, पैसा भेज देना
किठौर में 17 फरवरी को एक मीट कारोबारी के मोबाइल पर धमकी भरी कॉल आई। जिसमें आरोपी ने खुद को ऊधम सिंह बताया और दस लाख की रंगदारी मांगी। जांच में आरोपी दुकानदार निकला। जिसके क्राइम ब्रांच ने जेल भेजा।
कोट
कुख्यातों के नाम से रंगदारी मांगने की घटना पिछले दो महीने में बढ़ी हैं। पुलिस कई आरोपियों को जेल भेज चुकी है। कई मुकदमों की अभी जांच चल रही है। उनमें भी जल्द आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे। -मंजिल सैनी एसएसपी
खास बातें:
- योगेश भदौड़ा, अनिल दुजाना, उधम सिंह, मोनू जाट के नाम से रंगदारी
- दो महीने में चार खुलासे, रंगदारी मांगने वाले निकले छुटभैया बदमाश