मेरठ। वेस्ट यूपी में अपराधियों पर शिकंजा कसने और पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार अधिकारियों को खुली छूट दे रही है। लखनऊ में बैठे आला अधिकारी बार-बार वीडियो कांफ्रेंसिंग कर एडीजी, आईजी व एसएसपी को निर्देश दिया गया कि किसी भी हाल में क्राइम कंट्रोल करो। मेरठ जोन में 296 इनामी बदमाश हैं, जिन पर 21 लाख चार हजार का इनाम था। प्रदेश सरकार ने अपराधियों पर चार गुना से अधिक इनाम बढ़ा दिया गया। वहीं, 35 और नये अपराधियों पर इनाम कराने की तैयारी चल रही है। इनाम बढ़ने पर एसटीएफ भी सक्रिय हो गई हैं। जिले के कप्तानों ने भी अपनी-अपनी क्राइम ब्रांच टीम की मीटिंग लेकर उनको शुरूआत में तीन-तीन इनामी अपराधियों का टारगेट दिया है।
एक करोड़ से भी ऊपर पहुंचेगा इनाम
मेरठ जोन में 296 इनामी बदमाश हैं। मेरठ में 53, गाजियाबाद में 54, बुलंदशहर में 27, गौतमबुद्धनगर में 49, बागपत में 11, हापुड़ में 10, सहारनपुर में 46, मुजफ्फरनगर में 27 और शामली में 19 अपराधियों पर 21 लाख चार हजार का इनाम है। प्रदेश सरकार, डीजीपी, एडीजी, आईजी और एसएसपी ने अपराधियों की कुंडली खंगाली है। अब इनामी राशि एक करोड़ से ऊपर हो गई है।
35 से अधिक अपराधी होंगे और इनामी
मेरठ, सहारनपुर, बागपत समेत कई जिलों में बदमाशों ने नए गैंग बनाए हैं, जिसमेें 35 से अधिक अपराधी के नाम एसएसपी ने एडीजी को भेजे हैं। उक्त अपराधियों पर भी जल्द बड़ा इनाम घोषित किया जाएगा। पुलिस का कहना कि इन अपराधियों पर लूट, अपहरण, हत्या जैसे संगीन मामले दर्ज हैं।
सरकार की पुलिस ने की सराहना
अपराधियों पर और इनाम बढ़ाने की हरी झंडी मिलने पर पुलिस महकमा सरकार की सराहना कर रहा है। एसएसपी पांच हजार से 25 हजार, आईजी रेंज 10 से 50 हजार, एडीजी जोन 15 हजार से एक लाख, डीजीपी व प्रमुख सचिव 50 हजार से ढाई लाख और प्रदेश सरकार दो लाख से बढ़ाकर अपराधी पर पांच लाख का इनाम कर सकती है।
इनाम बढ़ने पर सक्रिय होती पुलिस
अपराधियों पर धरपकड़ करने वाले एक्सपर्ट पुलिसकर्मी इनाम बढ़ने का इंतजार करते हैं। कई मामले में देखा गया है कि एसटीएफ, एटीएस समेत पुलिस की कई टीम अपराधियों पर इनाम बढ़ने के बाद ही एक्टिव होती थी। इसको देखते ही अपराधियों पर इनाम बढ़ाने का अधिकार पुलिस अधिकारियों को दिया गया हैं।
तीन-तीन अपराधियों का टारगेट
मेरठ जोन के सभी कप्तानों ने अपने अपने जिले के मोस्ट वांटेड तीन-तीन अपराधियों को पकड़ने का टारगेट क्राइम ब्रांच को दिया है। कप्तानों ने 15 दिन का समय क्राइम ब्रांच को दिया है। कप्तानों ने सक्रिय बदमाशों को टॉप सूची में रखा है। हालांकि थाना पुलिस भी अपने-अपने क्षेत्रों में एक्टिव रहेगी। इनामी बदमाश या क्षेत्रों में अपराधियों पर पुलिस का फोकस रहेगा।
थाने में भी टीम बनाओ
कप्तानों ने थानेदारों को भी अपनी-अपनी पुलिस टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। जो रूटीन कार्य के अलावा अपराधी पर शिकंजा कसेंगे। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में कई थानेदारों ने अच्छी पुलिस टीम बनाई है। जिसको एडीजी मेरठ जोन सम्मानित भी कर चुके हैं। वहीं, कप्तानों के क्राइम ब्रांच टीम में भी कई इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाहियों को अलग से लगाया गया है।
मेरठ जोन में बदमाशों को उनके तरीके से जवाब दिया जा रहा हैं। इनाम बढ़ाने के बाद एसटीएफ और पुलिस की टीम और सक्रिय हो गई है। किसी भी अपराधी को पुलिस नहीं छोड़ेगी। पुलिस पर गोली चलेगी तो बदमाश को पुलिस नहीं बख्शेगी।
प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
- मेरठ जोन में 296 अपराधियों पर था 21 लाख चार हजार का इनाम
- जिले की क्राइम ब्रांच को तीन-तीन अपराधियों का दिया टारगेट
- एडीजी हर सप्ताह जिले की करेंगे समीक्षा, भेजेंगे शासन को रिपोर्ट