मेरठ। चोटी कटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को शहर और देहात में चोटी कटने के फिर पांच मामले सामने आए हैं। पुलिस जहां इसे अफवाह और अंधविश्वास बता रही है, वहीं, लोगों का कहना है कि पुलिस सही से पड़ताल तो करे। जिले में पिछले चार दिनों में ऐसे 10 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
एक क्षेत्र में तीन मामले
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की लक्खीपुरा गली-21 निवासी समर की पत्नी सलमा (35) ने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे, फ तेहउल्लापुर में माता वाली गली निवासी महताब की पत्नी रिहाना (22) ने दोपहर करीब तीन बजे और अहमदनगर निवासी रेशमा (32) ने शाम करीब चार बजे अचानक चोटी कटने की शिकायत की। तीनों महिलाएं इस दौरान बेहोश हो गईं। जिन्हें चिकित्सक को दिखाया गया। सलमा और रेशमा ने कोई परछाई देखने का भी दावा किया। तीनों जगह पहुंची लिसाड़ी गेट पुलिस जांच के बाद लौट गई।
बंद कमरे में कटी चोटी
परीक्षितगढ़। गांव अमर सिंह पुर निवासी नईम ने बताया कि सोमवार तड़के करीब चार बजे उसकी पत्नी शहनाज की सोते समय चोटी कट गई। जिसके बाद शहनाज की हालत बिगड़ गई। जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके पर पहुंची पुलिस को नईम ने बताया कि उस समय कमरा अंदर से बंद था। जिसके बाद उसने कुंडी खोलकर परिजनों को इस बारे में बताया। वहीं, गांव खजूरी, द्रर्वेशपुर में भी चोटी कटने की अफवाह फैलती रही।
बच्ची की भी चोटी कटी
सरधना। किला मोहल्ला निवासी शौकीन की दस साल की बेटी सुहाना सोमवार तड़के चारपाई पर सोई हुई थी। इस बीच बच्ची की चीखने की आवाज सुनकर परिवार के लोग जाग गए। देखा तो बच्ची की चोटी कटी हुई थी। बाद में बच्ची की तबियत बिगड़ गई। शौकीन के घर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई।
खास बात
- पुलिस का कहना, यह अफवाह के साथ अंधविश्वास
- चार दिनों में 10 से ज्यादा मामले सामने आ चुके चोटी कटने के