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थाने में धरना दे किसानों को रिहा करा ले गए रालोद कार्यकर्ता

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किसानों का थाने में धरना, पुलिस से नोकझोंक
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मेरठ। मोहिउद्दीनपुर में एनएच-58 पर शनिवार रात हुए बवाल के मामले में पांच किसानों की गिरफ्तारी से गुस्साए रालोद नेता किसानों के साथ परतापुर थाने में धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। बखेड़े की आशंका को देख कई थानों की फोर्स बुला ली गई। भाजपा विधायक भी पहुंचे। करीब सात घंटे बाद पुलिस ने किसानों को थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया।
रविवार को रालोद मंडल अध्यक्ष यशवीर सिंह और अर्जुन ढिंढाली के नेतृत्व में डिमौली, ढिंढाला, गेझा, गामड़ी और गून के सैकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से परतापुर थाने पहुंच गए। उन्होंने गिरफ्तार किए गए पांच किसानों को छोड़ने की मांग की। इनकार करने पर किसान वहां धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर में रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव, महासचिव राजकुमार सांगवान, प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा सहित जिले के दर्जनों रालोद नेता भी थाने पहुंच गए। उनकी भी पुलिस से नोकझोंक हुई। माहौल गर्माता देख सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया, ब्रह्मपुरी, टीपी नगर, लिसाड़ी गेट, रेलवे रोड, कंकरखेड़ा, देहली गेट, मेडिकल समेत कई थानों की पुलिस परतापुर थाने बुला ली गई। एडीएम (ई) सत्यप्रकाश पटेल, एसडीएम सदर निशा भी पहुंचीं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने मोहिउ्द्दीनपुर शुगर में बैठकर वार्ता की। इस बीच विधायक सोमेंद्र तोमर भी वहां पहुंचकर मसला सुलझाने के प्रयास में जुट गए। विधायक ने शुगर मिल में ही गिरफ्तार किसानों के परिजनों को बुलाकर उन्हें मदद का भरोसा दिया।
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इसके बाद शुगर मिल में अधिकारियों, रालोद नेताओं और विधायक के बीच घंटो वार्ता चली। रालोद नेता किसानों पर दर्ज मुकदमे को गलत बताकर केस वापस लेने और किसानों को छोड़ने की मांग पर अडे़ थे। शाम साढे़ तीन बजे तय हुआ कि गिरफ्तार पांचों किसानों को पुलिस थाने से जमानत पर छोडे़गी। दर्ज मुकदमे पर उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद विचार होगा। शाम करीब चार बजे पुलिस ने किसानों को छोड़ दिया।

ये था मामला
शनिवार रात डिमौली का किसान सुभाष मोहिउद्दीनपुर मिल में गन्ना डालकर लौट रहा था। एनएच-58 पर अज्ञात वाहन की टक्कर से सुभाष और उसका भैंसा घायल हो गए थे। इस घटना से गुस्साए किसानों ने हाईवे जाम कर दिया था। पुलिस पर हमला बोल दिया था। पुलिस ने बल प्रयोग कर किसानों को खदेड़ा था। वहीं पुलिस ने करीब 125 लोगों पर पुलिस के बैरियर फेंकने, सरकारी काम में बाधा डालने और जान लेने की नीयत से पथराव करने समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने मौके से पांच किसानों को गिरफ्तार किया था।

बेकसूरों को पकड़ा पुलिस ने
किसानों का कहना था कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच किसान बेकसूर हैं। उन्होंने कोई बवाल नहीं किया। वे यार्ड में खडे़ थे। वहीं से पुलिस उन्हें उठाकर लाई। पुलिस ने लाठियां बरसाई और उल्टा इस केस में किसानों पर धारा 307 तक लगा दी।

समस्याएं दूर करने का प्रयास होगा
एडीएम (ई) सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि किसानों को समझाकर धरना खत्म करा दिया गया है। किसानों ने अपनी कुछ समस्याएं रखी हैं। इन्हें उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर हल कराने का प्रयास किया जाएगा।

विवेचना में हट सकती है धारा 307
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि केस में धारा 307 लगी है, लेकिन देखा जाएगा कि ये इस केस में बनती है या नहीं। यदि ये धारा नहीं बनेगी तो उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद इसे हटा दिया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी।


श्रेय लेने की होड़
मेरठ। एनएच-58 पर बवाल के आरोप में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई को लेकर रालोद और भाजपा में श्रेय लेने की होड़ रही। सुबह नौ बजे रालोद नेताओं ने परतापुर थाने पर धरना शुरू कर दिया था। भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर भी दोपहर में मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल पहुंच गए और किसानों के परिजनों को बुलाकर बातचीत की। साथ ही उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता की।
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रालोद नेता राजकुमार सांगवान ने कहा कि शर्म की बात है कि पुलिस ने इस केस में खुद किसानों पर मुकदमा दर्ज किया। यदि रालोद धरना शुरू ना करता तो शायद पुलिस किसानों को जेल भेज चुकी होती। भाजपा विधायक को किसानों की इतनी चिंता थी तो सुबह ही किसानों के बीच आते। हर सीजन में शुगर मिल के बाहर घटना होती है, किसान हर बार अधिकारियों से मिलते हैं, लेकिन ना तो आज तक अधिकारियों ने कुछ किया और ना ही भाजपा विधायक ने। वहीं भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, महामंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि भाजपा किसानों की हितैषी है। विधायक ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात कर पुलिस अधिकारियों के जरिए रास्ता निकाला। इसके बाद ही किसानों को थाने से जमानत मिली।

खास बात
एनएच -58 पर शनिवार रात हुए बवाल के बाद पांच किसानों की गिरफ्तारी पर आक्रोश
रालोद नेता किसानों के साथ पहुंचे थाने, भाजपा विधायक भी पहुंचे, बाद में किसानों को छोड़ा गया
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