मेरठ। गढ़ रोड स्थित वर्धमान कांप्लेक्स में शुक्रवार शाम क्लीनिक में महिला मरीज और कंपाउंडर में मारपीट होने पर बखेड़ा हो गया। मेडिकल पुलिस ने डॉक्टर और महिला के बेटे को हवालात में बंद कर दिया। आईएमए के पदाधिकारियों ने थाने में हंगामा किया। तब जाकर डॉक्टर को पुलिस ने छोड़ा।
पुलिस के अनुसार कांशी गांव परतापुर निवासी मुशरत जहां पति हाजी लायक अली व बेटे साकिब के साथ तेजगढ़ी चौराहा स्थित डॉ. सत्यप्रकाश अग्रवाल के क्लीनिक पर गई थी। मरीजों की भीड़ के चलते नंबर लगवाने को लेकर महिला की कंपाउंडर से कहासुनी हो गई। महिला ने क्लीनिक से बाहर आकर पति व बेटे से उसका कुंडल गिरने की बात कही। तीनों ने अंदर जाकर कंपाउंडर से कुंडल के बारे में पूछा तो दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। तोड़फोड़ में क्लीनिक में शीशे टूट गए। इस दौरान लायक अली को चोट आ गई। डॉ. अग्रवाल की सूचना पर मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डॉक्टर और साकिब को थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया।
आईएमए ने दी हड़ताल की चेतावनी
सूचना पर आईएमए के पदाधिकारियों ने मेडिकल थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी। मामला अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने डॉक्टर को हवालात से निकाला।
देर रात लिखवाया समझौता
सीओ सिविल लाइन ने देर रात दोनों पक्षों को समझाबुझाकर समझौता लिखवाया। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि महिला ने बेवजह क्लीनिक में मारपीट और हंगामा किया। पुलिस ने भी उनके साथ अभद्रता की। इसकी शिकायत वह उच्चाधिकारियों से करेंगे।
क्या बोले अधिकारी
सीओ सिविल लाइन जीपी सिंह के अनुसार महिला की झुमकी कहीं गिरने पर क्लीनिक में मारपीट हुई। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई थी। दोनों में लिखित में समझौता हुआ है। डॉक्टर से मारपीट होने की जांच होगी। वहीं, आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि डॉक्टर के साथ क्लीनिक में मारपीट हुई है। पुलिस का व्यवहार भी ठीक नहीं था। इस मामले में एसएसपी से बातचीत हुई, जिसके बाद समझौता हुआ।
- महिला मरीज और कंपाउंडर में हो गया था विवाद
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