चिल्ला चिल्लाकर बोलता रहा कि ‘मैं आज मरूंगा, अपनी जान दे दूंगा’
लोगों के रोकने पर भी नहीं रुका, ट्रैक पर लेटा, ट्रेन रौंदती हुई निकल गई
01 घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा शव, सदर, कंकरखेड़ा व जीआरपी सीमा विवाद में उलझी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/कंकरखेड़ा। रविवार रात 9:30 बजे का समय। करीब बीस साल का एक युवक कासमपुर रेलवे फाटक की तरफ ट्रैक पर अपनी मौत की वीडियो बनाता जा रहा था। चिल्ला रहा था कि ‘मैं आज मरूंगा, अपनी जान दे दूंगा’। कुछ लोगों ने उसे रोकने का भी प्रयास किया। लेकिन वह रुका नहीं और ट्रैक पर ही लेट गया। इस बीच ट्रेन उसे रौंदती हुई निकल गई। यह हृदय विदारक दृश्य देख लोगों की चीख निकल गई। मौके पर पहुंची थाना सदर, कंकरखेड़ा पुलिस व जीआरपी सीमा विवाद में उलझी रही और करीब एक घंटे तक शव ट्रैक पर ही पड़ा रहा। बाद में जीआरपी ने शव कब्जे में लिया।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह युवक कभी धीमे तो कभी तेज आवाज में बड़बड़ा रहा था। अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाता हुआ कासमपुर रेलवे फाटक की तरफ ट्रैक पर चढ़ गया। चिल्लाकर बोला कि मैं आज मर जाऊंगा। अपनी जान दे दूंगा। इस बीच कई लोगों ने उसे रोका भी। समझाबुझाकर कर उसे घर जाने के लिए भी कहा। लेकिन युवक नहीं माना और वीडियो बनाते हुए ट्रैक पर जाकर लेट गया। कुछ ही देर बाद ट्रेन आई तो लोगों के चिल्लाने पर भी युवक ट्रैक से नहीं हटा। लोग तमाशबीन बने रहे और युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
मौत का तमाशा देखते रहे लोग
यह युवक एलान करता हुआ मौत को गले लगाने जा रहा था। लेकिन लोग उसे सख्ती से रोकने के बजाय मौत का तमाशा देखते रहे। इसके बाद सूचना पर कंकरखेड़ा, सदर पुलिस और जीआरपी पहुंची तो शव को ट्रैक से हटवाने के बजाय घटनास्थल एक-दूसरे के क्षेत्र का बताती रही।
जेब से मिला पहचान पत्र
जीआरपी के थानाध्यक्ष ओमवीर सिंह के अनुसार युवक की जेब से एक पहचान पत्र मिला। जिस पर राहुल पुत्र महेंद्र सिंह निवासी जय भीम नगर दर्ज मिला। इस बात की पुष्टि की जा रही है कि यह पहचान पत्र इसी युवक का था या किसी दूसरे का। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।