साफिया बीज बेचने के नाम पर लाखों की ठगी
मेरठ।
साफिया बीच बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो युवकों को शुक्रवार को क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह में दो महिलाएं भी हैं, उनकी तलाश की जा रही है।
क्राइम ब्रांच ऑफिस में एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने प्रेसवार्ता कर बताया कि पकड़े गए आरोपी राजू अवस्थी उर्फ सुनील पुत्र मिथलेश कुमार हाल पता डी ब्लॉक थाना फेज सेकेंड नोएडा मूल पता ग्राम चंदरा जिला सीतापुर और उगन चौधरी उर्फ अमन उर्फ अजय शर्मा उर्फ राजेश शर्मा पुत्र अच्छेलाल गांव भंगड़ पट्टी, थाना राजनगर मधुबन बिहार हैं। दोनों के पास से चार मोबाइल फोन, बैंक की चार पासबुक, एक पैनकार्ड, तीन आधार कार्ड, तीन चैकबुक, राशनकार्ड, साफिया बीज का डिब्बा, स्टॉप पेपर बरामद किए हैं।
बीज से बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
मवाना रोड स्थित राधा गार्डन निवासी पवन कुमार ने ई-मेल व मोबाइल से एनके हर्बल कंपनी से संपर्क किया था। फर्म की तरफ से कहा गया कि वह अनेक प्रकार के सीड उपलब्ध कराती है। फर्म के पास इस समय साफिया बीज हैं, जो एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के काम आता है। बीज के एक पैकेट (40 बीज) की कीमत 55 हजार रुपये है। इसके बाद पवन ने पांच पैकेट खरीदने के लिए पौने तीन लाख का भुगतान कर दिया। पैसे उसने कंपनी द्वारा बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए थे। इसके बाद कंपनी की तरफ से बताया गया कि उन्होंने पॉलिसी चेंज कर दी है। अब कंपनी 15 पैकेट से कम की डिलीवरी नहीं करेगी। इसके बाद पीड़ित ने फिर से बैंक खाते में सात लाख 24 हजार रुपये जमा करा दिए। आरोप है कि इसके बाद कोई पैकेट (बीज) नहीं आया। पीड़ित ने इसकी शिकायत एसएसपी से की थी। गंगानगर थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया। इसकी जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरुण वर्मा कर रहे हैं। जांच पड़ताल के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बैंक खाते इन दोनों के नाम पर ही थे। वहीं इलाहाबाद निवासी अजय कश्यप अभी फरार है।
ठगी के लिए खोले फर्जी तरह से खाते
पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया था कि दो साल पहले कुछ लोगों ने उनकी आईडी पर खाते खुलवाए थे। जिनमें एक महिला भी लगातार उनसे मिलती थी। आरोपी उगन चौधरी हैदराबाद और दिल्ली से धोखाधड़ी व आईएक्ट में जेल जा चुका है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्म का प्रचार करकर ठगी करते थे और अलग-अलग खातों में पैसा ट्रांसफर कराते थे। इसमें करीब आधा दर्जन लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।