21 फरवरी को मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में लूटा था दस किलो सोना
08 किलो सोना हो चुका अब तक बरामद, दो किलो अभी भी बाकी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। सोना लूट कांड में गजब का मैनेजमेंट चल रहा है। एक-एक कर आरोपी पकड़े जा रहे हैं और उनसे किस्तों में सोना बरामद हो रहा है। शनिवार को 50-50 हजार के तीन इनामी आरोपी पकड़े गए हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने 500 ग्राम सोना, दो कार, तमंचा और चाकू बरामद किया है।
एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी अविनाश पांडेय ने प्रेसवार्ता में बताया कि सोना लूट कांड में वैष्णो धाम कॉलानी कंकरखेड़ा निवासी मुकेश और उसके दो बेटे विपुल और विवेक फरार चल रहे थे। तीनों पर ही इनाम घोषित था। जिन्हें इंस्पेक्टर एपी मिश्रा ने सरधना रोड स्थित पद्म कोल्ड स्टोर के पास घेराबंदी करके गिरफ्तार किया। 21 फरवरी को आरोपियों ने बेगमपुल स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में दस किलो सोना लूटा था। इस मामले में पुलिस मास्टर माइंड सुशील दादरी समेत छह आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अभी तक आठ किलो सोना बरामद हो चुका है।
सेटिंग की मुठभेड़
इसे पुलिस का मैनेजमेंट कहेंगे या सेटिंग की मुठभेड़। सोना लूट में आरोपी भगत का नाम वारदात के महज एक घंटे बाद ही खुल गया था। जिसके जरिये पुलिस ने सेटिंग की। जिसमें 24 घंटे में भगत, सुशील व दीपक की गिरफ्तारी हो गई। चार किलो सोना व 8.50 लाख नकद बरामद हुए। जबकि सोना दस किलो लूटा गया था। डीजीपी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सारा सोना बरामद कराओ। उसके बाद कंकरखेड़ा व लालकुर्ती थाना पुलिस ने वरुण, हेमंत और विशाल को गिरफ्तार कर तीन किलो सोना बरामद कर लिया। अब करीब 2.5 किलो सोना बचा था। शनिवार को कंकरखेड़ा पुलिस ने तीन आरोपियों मुकेश और उसके दोनों बेटों विपुल और विवेक को गिरफ्तार करना बताया। हैरत की बात है कि आरोपियों से मुठभेड़ होने का जिक्र लिखा पढ़ी में पुलिस ने किया। लेकिन किसी को चोट तक नहीं आई।