अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। गांव नासिरपुर निवासी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पांच लोगों के खिलाफ जबरन गंदा पानी उसके बाग में छोड़ने की शिकायत की थी। उसने बताया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। आरोपी उसके साथ संगीन वारदात कर सकते हैं। वहीं, पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है। यदि शीघ्र आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो 31 जनवरी को किसी भी मुख्य कार्यालय पर परिजनों समेत आत्मदाह कर लेगा।
गांव नासिरपुर निवासी मांगेराम पुत्र रामफल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत जिले के आला अधिकारियों को भेजे पत्र में बताया कि वह मजदूरी कर भरण पोषण कर रहा है। पांच लोगों आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं तथा जान से मारने की धमकी देते हैं। जिसकी रिपोर्ट उसने थाने में दर्ज कराई है।
बीती 19 जनवरी की शाम उन्होंने गांव का गंदा पानी उसके बाग एवं खेत में छोड़ दिया। उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ गालीगलौज एवं मारपीट की। सूचना पाकर यूपी 100 भी मौके पर पहुंची। 20 जनवरी को आरोपियों ने फिर से उसके साथ गालीगलौज एवं मारपीट की। आरोपी उसको जान से मारने की नीयत से ढूंढ रहे हैं। इस संबंध में उसके भाई ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उसने मुख्यमंत्री से मांग की कि शीघ्र आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह 31 जनवरी को किसी भी मुख्य कार्यालय पर परिजनों समेत आत्मदाह करने को मजबूर होगा। वहीं, इस बाबत एसएसआई पकंज शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी।
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गालीगलौज एवं मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की