मेरठ। डाकखाने में फर्जी खाता खुलवाकर 1.30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर पहुंचा। आरोपियों ने लोगों को फर्जी पासबुक देकर सात साल तक पैसा लिया। एफडी की मियाद पूरी होने पर लोग डाकखाना पहुंचे तो ठगी की पोल खुली।
फूलबाग कॉलोनी नौचंदी निवासी कृष्णा शर्मा पत्नी विश्व प्रकाश शर्मा ने शिकायती पत्र दिया। जिसमें कोतवाली क्षेत्र के एक परिवार के सात लोगों ने पांच लाख की ठगी की है। जबकि दर्जनों लोगों से 1.30 करोड़ की ठगी की है। उन्होंने बताया है कि वर्ष 2011 में आरोपियों ने खुद को डाकखाने की पॉलिसी बताकर उनके खाते खुलवाए थे। सात साल में तीन गुना पैसा होने का झांसा दिया था।
फर्जी पासबुक भी दी थी। जिसमें वह हर माह चार हजार रुपये जमा कराते थे। सात साल पूरे होने के बाद लोग डाकखाने में पहुंचे तो पता चला कि उनके नाम का कोई खाता ही नहीं है। यह सुनते ही लोगों के होश उड़ गए। लोगों ने कोतवाली क्षेत्र में पहुंचकर पॉलिसी करने वाले से संपर्क किया। आरोपी ने लोगों से कहा कि वह उनका सारा पैसा दिलवा देेंगे। एक महीने का समय दिया गया। उसके बाद आरोपी परिवार समेत फरार हो गया। एसएसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।