मेरठ। चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी में सरेआम छात्रों पर गोलियां बरसाने वाले आरोपी विजय धामा को शनिवार पुलिस ने परीक्षितगढ़ में उसके गांव में दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना पर ग्रामीण ने पुलिस पर हमला बोलकर उसे जबरन छुड़ा लिया। एसओ समेत पांच पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। विजय धामा और उसके परिजनों पर मेडिकल थाने में केस दर्ज हुआ है।
यूनिवर्सिटी में गौरव राणा और गौरव बालियान पर नौ अक्तूबर को जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें सपा छात्रसभा से जुड़े विजय धामा, अनिल खारी पर केस दर्ज हुआ था। अनिल खारी को पुलिस जेल भेज चुकी है। जबकि विजय धामा फरार चल रहा है। तीन दिन पहले भी विजय ने यूनिवर्सिटी में आकर दोबारा से फायरिंग कर दी थी। आरोपी की पैरवी में भाजपा का एक विधायक भी लगा था।
पुलिस विजय की तलाश में जुटी थी। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर एसओ मेडिकल बृजेश कुमार, इंस्पेक्टर नौचंदी मनोज मिश्रा एक दर्जन पुलिसकर्मियों के साथ आरोपी विजय धामा के गांव रामनगर, परीक्षितगढ़ में पहुंच गए। पुलिस टीम ने विजय को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस उसको लेकर गांव से चलती कि दो दर्जन से अधिक लोगों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।
पुलिस को पीटा, आरोपी को छुड़ाया
ग्रामीणों ने पुलिस टीम को दौड़ाकर पीटा और आरोपी को उनसे छुड़ा लिया। इसकी जानकारी पर सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी फोर्स लेकर लेकर परीक्षितगढ़ पहुंच गए। सीओ ने पुलिस पर हमला करने वाले ग्रामीणों की जानकारी जुटाई है। सीओ का कहना है कि विजय समेत दो दर्जन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी को नहीं छोड़ेगी।
हर बार बच जाता आरोपी
आरोपी विजय कई बार फायरिंग कर चुका है। उसके खिलाफ एक दर्जन से भी अधिक केस दर्ज हैं। तेजगढ़ी पुलिस चौकी में घुसकर भी उसने पुलिस से मारपीट की थी। आरोपी को पहले एक सपा नेता का संरक्षण मिल जाता था। लेकिन अब समय बदलने पर एक भाजपा का विधायक उसकी पैरवी करता है।
सभी होंगे गिरफ्तार
एसएसपी मंजिल सैनी दहल के अनुसार पुलिस टीम पर हमला कर आरोपी को ग्रामीणों ने छुड़ाया है। उनके खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। पुलिस नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।