क्राइम ब्रांच ही करेगी करोड़ों की ठगी की विवेचना
मेरठ। लाइक के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में नौचंदी थाने में दर्ज केस की विवेचना क्राइम ब्रांच ही करेगी।
मंगलवार को एसपी क्राइम शिवराम यादव ने केस के विवेचक इंस्पेक्टर अनिल कुमार से जानकारी लेकर कई तथ्यों पर जांच करने के निर्देश दिए। एसपी के अनुसार एस्टोनिस डिजिटल एडवरटाइजिंग सर्विस लिमिटेड नाम की फर्जी कंपनी का खुलासा किया गया था। क्राइम ब्रांच इस मामले में पहले से जांच कर रही है। जिसके बाद नौचंदी थाने में दो महिलाओं समेत नौ लोगों पर केस दर्ज किया गया था। अभी तक सिर्फ प्रदीप सिंघल निवासी मुरादनगर की ही गिरफ्तारी हुई है।
अभी तक की जांच में यही आया कि लाइक के नाम पर ये आरोपी 23 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा के 23 लोग पुलिस और क्राइम ब्रांच से संपर्क कर चुके हैं जिनके साथ ठगी हुई हैं। इन सभी लोगों से पुलिस ने रिकार्ड और तहरीर ले ली है। सभी पीड़ितों की तहरीर विवेचना में शामिल होगी। अन्य थानों में भी ठगी के संबंधित मुकदमे दर्ज हो सकते हैं क्योंकि गाजियाबाद में कई लोगों द्वारा फर्जी कंपनी का खुलासा होने पर संबंधित थानों में तहरीर देने की बात सामने आयी है। इस मामले में नेहा चौधरी और सोनिया समेत आठ आरोपी फरार हैं। कई आरोपियों की लोकेशन गाजियाबाद में ही बताई गई है।
खास बातें:
लाइक के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला