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अतुल प्रधान की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस टेंशन में

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मेरठ। सपा नेता अतुल प्रधान की सरगर्मी से तलाश कर रही पुलिस उसकी गिरफ्तारी न होने पर तनाव में आ गई है। मामला लखनऊ तक पहुंच चुका है। मंगलवार को भी कई जगह ताबड़तोड़ दबिश दी गई। लेकिन पुलिस अतुल की लोकेशन तक नहीं ले सकी।
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अतुल प्रधान और उसके समर्थकों पर सुमित गुर्जर मुठभेड़ को लेकर दिए विवादित भाषण और कमिश्नरी पर धरना प्रदर्शन को लेकर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वायरल वीडियो लखनऊ तक पहुंची तो आला अफसरों ने अतुल की गिरफ्तारी का फरमान सुना दिया। लेकिन तीन दिन बाद भी विफलता हाथ लगने पर पुलिस टेंशन में आ गई है।
कचहरी में लगाई फिल्डिंग
मंगलवार दिन भर अतुल प्रधान को कोर्ट में सरेंडर कराने के लिए उसके समर्थक कचहरी में लगे थे। पुलिसकर्मी भी सादी वर्दी में वहां जमे रहे। हालांकि अतुल प्रधान कचहरी नहीं पहुंचा।
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पुराने मुकदमे में होगी कार्रवाई
एसपी देहात राजेश कुमार का कहना है कि अतुल प्रधान के पुराने मुकदमे की दोबारा से जांच कराई जा रही है। कई मुकदमे ऐसे है, जोकि अधूरे है। कार्रवाई हो सकती है। विधिक राय ली जा रही है। अतुल पर फिलहाल में तीन मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी होना तय है।
क्राइम ब्रांच भी लगी
पुलिस की तीन टीमें और क्राइम ब्रांच भी अतुल की तलाश में लगी है। अतुल के पास तीन मोबाइल नंबर हैं। तीनों स्विच ऑफ हैं। सर्विलांस से मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि अतुल बागपत से नोएडा या लखनऊ के लिए निकल गया है।
जल्द करेंगे गिरफ्तार
एसएसपी मंजिल सैनी के अनुसार अतुल प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। उसके मोबाइल स्विच ऑफ हैं। कचहरी के बाहर भी पुलिस लगी थी। उसे जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
पुलिस कर रही परिवार का उत्पीड़न: सीमा प्रधान
मवाना। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
अशोक विहार कालोनी में विनय भडाना के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में सीमा प्रधान ने कहा कि मखदूमपुर गंगा मेले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अतुल प्रधान को कमिश्नरी पर धरना देते पकड़ लिया था। पुलिस ने उस समय ही क्यों नहीं उनको जेल भेजा। रात को दबिश देकर घर से रसोइया, कार चालक तथा टीईटी की तैयारी कर रहे 10 बच्चों को जबरन ले गई, जबकि उनका कोई अपराध नहीं था।
सीमा ने आरोप लगाया कि सुमित का एनकाउंटर नहीं हुआ, हत्या की गई है। सत्ता के दबाव में आकर पुलिस प्रशासन उनका तथा उनके परिवार का उत्पीड़न कर रहा है। फर्जी एनकाउंटर करने वाला थाना प्रभारी सरधना विधायक से आकर क्यों मिल रहा है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। पुलिस के कारण बच्चों में दहशत का माहौल है तथा स्कूल तक नहीं जा रहे हैं। इस मौके पर भोपाल सिंह गुर्जर, ज्ञान सिंह, करतार सिंह, ऋषिपाल, जोनी तोमर, हेम सिंह, भोला चौधरी, योगेंद्र भाटी, अमित राणा, विपिन सकौती, सुबोध गुर्जर आदि उपस्थित थे।
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खास बात
- गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश, नहीं लगा कोई सुराग
- गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर कर सकता है अतुल प्रधान
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