एमपीजीएस मामले में आरोपियों को जेल भिजवाएगी सच संस्था
मेरठ। कैँट एमपीजीएस गुंडागर्दी के मामले अब सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने कहा कि अब संस्था इस मामले में उच्च स्तरिय जांच कराकर आरोपियों को जेल भिजवाएगी।
अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए संदीप पहल ने कहा कि मीट कारोबारी याकू ब कुरैशी के स्कूल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन नतमस्तक हैं। स्कूल मालिक ताराचंद शास्त्रीनगर व पुलिस प्रशासन ने हंटर वाली आशमा व उसके साथियों द्वारा की गई दबंगई को छुपाया है। सच संस्था इसे उजागर कर रही है। सात जुलाई को आशमा की बेटियों द्वारा स्कूल समय में चले जाने की शिकायत एक अन्य छात्रा ने शिक्षिका से की। आठ जुलाई को शिक्षिका ने दोनों लड़कियों से पूछताछ कर गलती पकड़ी, जिसके बाद डांटा गया। छात्राओं के रिश्तेदार ने स्कूल में आकर माफी मांगी और लेकर चला गया।
रिकार्डिंग से मिलेंगे सबूत
उसी दिन आसमा स्कुल में पहुंची और तोड़फोड़ कर धमकी देकर गई। यदि रिकार्डिंग नष्ट नहीं की गई होगी तो इसकी पुष्टि वहां लगे कैमरों से की जा जा सकती है । एलान के अनुसार 10 जुलाई को याकूब कु रैशी की बेटी आशमा अपने साथ दबंगों को लेकर स्कू ल पहुंची, गार्ड द्वारा रोकने पर ताराचंद शास्त्री ने इन्हें अंदर आने दिया। जिसके बाद स्कूल में दबंगई कर गालियां दी, छात्राओं व शिक्षिका को पीटा और तोड़फोड़ की गई। स्टाफ द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन गेट से ही पुलिस को लौटा दिया। उल्टे ताराचंद शास्त्री ने छात्राओं व शिक्षिका पर दबाव डालकर घटना को किसी से न बताने के लिए कहा। मामला मीडिया की सुखिर्यो में आया तो 11 जुलाई को अभिभावकों के दबाव में आकर ताराचंद ने एफआईआर तो कराई मगर धाराएं कमजोर करा दी।
पुलिस ने दिखावे को दबिश दी और आशमा को गिरफ्तार नहीं किया साथ ही आशमा को कोर्ट से स्टे लाने का पूरा मौका दिया। सच संस्था कैमरे की रिकार्डिंग, कॉल डिटेल से सबूत एकत्र कर आरोपियों की उच्च स्तरीय जांच कराकर जेल भिजवाकर मानेगी। इस दौरान देवेंद्र तोमर, सिद्वार्थ, नीरज अरोड़ा, अजय जैन भी मौजूद रहे।
- एमपीजीएस में गुंडागर्दी का मामला
- सच संस्था के अध्यक्ष ने की प्रेसवार्ता