माछरा पुलिस चौकी के पास शुक्रवार सरेशाम दो बदमाशों ने स्टील कंपनी के मुनीम से 17.88 लाख रुपये लूट लिए। वारदात के 20 मिनट बाद किठौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। एसएसपी ने भी आकर जांच पड़ताल की।
मेडिकल थानाक्षेत्र के प्रेम प्रयाग कॉलोनी निवासी प्रवीण वशिष्ठ की गढ़ रोड पर रुद्रा स्टील एंड ट्रेडर्स के नाम से कंपनी है। कंपनी का मुनीम अंकित मित्तल पुत्र चंदप्रकाश मित्तल निवासी एल-ब्लाक शास्त्रीनगर शुक्रवार शाम 6:30 बजे बुलंदशहर स्याना और किठौर से 17 लाख 88 हजार 600 रुपये लेकर बाइक से मेरठ लौट रहा था। मेरठ-गढ़ मार्ग स्थित माछरा पुलिस चौकी के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने मुनीम की बाइक रोक ली। अंकित का कहना है कि बदमाशों ने गर्दन पर चाकू लगाकर नोटों से भरा बैग छीन लिया और भाग गए। अंकित पुलिस चौकी पहुंचा, जहां ताला लगा था। उसके बाद अंकित ने हसनपुर गांव जाकर अपने एक साथी को जानकारी दी। सरेशाम लूट का पता लगते ही एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी देहात अविनाश पांडेय व सीओ किठौर आलोक सिंह मौके पर पहुंचे। किठौर, हसनपुर कलां, शाहजहांपुर, माछरा और मेरठ से भी कई व्यापारी पहुंचे। देररात तक पुलिस जांच करने में लगी थी। एसएसपी का कहना है कि जांच में क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगाया गया है।
लखनऊ तक पहुंची लूट की गूंज
मेरठ/माछरा। लूट के दौरान चौकीदार की हत्या के मामले का अभी खुलासा नहीं हुआ कि मेरठ में फिर बड़ी लूट हो गई। इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। वारदात को लेकर डीजीपी ने भी नाराजगी जताई। पुलिस ने वारदात को संदिग्ध बताया तो डीजीपी कार्यालय से भी जानकारी ली गई।
मेरठ देहात में माछरा पुलिस चौकी के पास 17.88 लाख रुपये की लूटपाट की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के पहले लखनऊ से फोन घनघनाने लगे। डीजीपी कार्यालय से जानकारी ली कि बताओ कितने की लूट हो गई। घटनास्थल पर ऐसा प्रतीत होता है कि सटीक रेकी के बाद ही बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
चौकी पर क्यों नहीं थी पुलिस
सवाल उठता कि पुलिस चौकी पर पुलिस क्यों नहीं थी। सरेशाम देहात में ऐसा हाल है तो रात में कैसा होगा। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि तत्कालीन किठौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ने माछरा, कासमपुर, नंगली अब्दुल्ला के ग्राम प्रधान राकेश त्यागी, शिवराज भाटी, दीपक त्यागी को बुलाकर कहा कि माछरा बस अड्डे पर तुम्हें अपने पैसे से एक भवन का निर्माण कराना है। जिससे पुलिस चौकी खुल जाए।
ग्राम प्रधानों ने अपने स्तर से एक कमरा एवं सामने टीन शेड डालकर भवन बनाया। लेकिन अभी तक उसमें किसी भी दरोगा या पुलिस कर्मी की तैनाती नही हुई। दिन में कभी भी गश्त की पुलिस बैठ जाती है। ज्यादातर पुलिस चौकी सहायता केन्द्र पर ताला लटका रहता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि माछरा बस अड्डे की चौकी पर
पुलिस तैनात होती तो शायद वारदात नहीं होती।
छह किमी तक पीछा, मेरठ से सूचना
सरेशाम 17.88 लाख रुपये लूट की जानकारी पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पीड़ित अंकित मित्तल से थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की। पीड़ित अंकित ने बताया कि करीब छह किमी तक बदमाशों ने पीछा किया। रास्ते में कई जगह रोकने का प्रयास हुआ। अंत में पुलिस चौकी के पास बदमाशों ने उसकी बाइक रोक ली और बैग ले गए। मुनीम से बाइक नहीं छीनी और मोबाइल भी नहीं लिया। मुनीम हसनपुर गांव में अपने दोस्त को बुलाकर लाया। मेरठ में आकर व्यापारी प्रवीण वशिष्ठ को लूट की सूचना दी। तब जाकर किठौर थाना पुलिस को जानकारी मिली कि लूट हो गई। जबकि अमूमन लूट की घटना होने पर पुलिस को सूचना दी जाती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस का मानना है कि वारदात में कुछ तो गड़बड़ है। व्यापारी ने बताया कि मुनीम उनके यहां पर पिछले 6 माह से नौकरी कर रहा है, उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।