मेरठ।
कुख्यात ऊधमसिंह के नाम से 50 लाख की रंगदारी के लिए चिट्ठी फेंकने वाला शख्स कौन है, इसका पुलिस पता नहीं लगा सकी। यह शख्स सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी लोकल का हो सकता है, लेकिन अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
देहलीगेट थाने में चार दिन पहले गुटखा व्यापारी संजीव वर्मा निवासी ब्रह्मपुरी ने रंगदारी का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि कुख्यात ऊधम सिंह के नाम से वैली बाजार में उनकी दुकान पर एक चिट्ठी मिली है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो वह एक शख्स चिट्ठी फेंकता नजर आया है। पुलिस ने फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने कई लोगों को फुटेज में कैद आरोपी का फोटो दिखाया है, जिसमें एक लोकल का युवक आरोपी जैसा दिख रहा है। पुलिस का कहना कि यह फुटेज मेरठ जोन के जिलों में एक्सपर्ट पुलिस वालों को भेजी गई है। ताकि आरोपी की पहचान हो सके।
दहशत में परिवार
पीड़ित व्यापारी संजीव वर्मा के भतीजे अभिषेक वर्मा की लूट के दौरान एक साल पहले हत्या हुई थी। जिसमें संजीव भी गवाह है। कुख्यात के नाम से 50 लाख की रंगदारी मांगने के बाद से व्यापारी फैमिली में दहशत है। एसएसपी ने व्यापारी की सुरक्षा में पुलिसकर्मी भी लगाए है। कुख्यात ऊधमसिंह से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
क्राइम ब्रांच को भी लगाया
चिट्ठी में धमकी मिली थी कि अगर पुलिस को बताया तो अंजाम ठीक नहीं होगा। क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पहचानने के लिए अपनी टीम लगाई हुई है। पुलिस ने कई संदिग्ध नंबर भी सर्विलांस पर लगाए हैं। लेकिन अभी तक कोई ऐसा क्लू नहीं मिला, जिस पर पुलिस की लाइन आगे बढ़ सके।